रायपुर/बस्तर 25 सितंबर। Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से बस्तर संभाग में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदी-नाले उफान पर हैं और कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है।
बस्तर जिले में 9 राहत शिविरों में 350 से अधिक प्रभावितों को सुरक्षित आश्रय दिया गया है। यहां भोजन, पेयजल, ठहरने और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
नगरनार क्षेत्र के नदी बोड़ना में बाढ़ के पानी में फंसे करीब 40 लोगों को नावों की मदद से सुरक्षित निकाला गया। वहीं तोकापाल के घाट धनोरा से 25 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। पलवा और लोहंडीगुड़ा के निचले इलाकों में पानी भरने के बाद प्रभावित परिवारों को भी सुरक्षित स्थानों और पंचायत भवनों में शिफ्ट किया गया।
9 राहत शिविरों में 350+ लोग
जगदलपुर में चार राहत शिविरों में 175 लोगों को ठहराया गया है। शहीद भगत सिंह स्कूल में 100 से अधिक प्रभावितों के भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई है। नदी बोड़ना शिविर में करीब 40, भैंसगांव में 77, बेलगांव में 35 और भेजा राहत शिविर में 26 प्रभावितों को आश्रय दिया गया है।
कलेक्टर-SP ने लिया जायजा
बाढ़ की स्थिति के बीच कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने प्रभावित क्षेत्रों का सघन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने गंगामुंडा पारा, महादेव घाट, खड़कघाट, डिमरापाल मेडिकल कॉलेज के आसपास और नगरनार-भेजापदर मार्ग सहित जलभराव वाले क्षेत्रों का जायजा लिया। अधिकारियों ने राहत शिविरों में व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए मैदानी अमले को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाने के निर्देश दिए।
इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ा
लगातार बारिश के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। ओडिशा स्थित खातीगुड़ा बांध के तीन और मुरान बांध के दो गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते नदी किनारे और निचले इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। प्रशासन ने लोगों से उफनते नदी-नालों और जलमग्न पुल-पुलियों को पार नहीं करने की अपील की है। आपात स्थिति में बाढ़ नियंत्रण कक्ष या संबंधित राजस्व अधिकारियों से संपर्क करने को कहा गया है।

