ढाका, 04 अक्टूबर। Temple Attack in Bangladesh: बांग्लादेश में दुर्गा पूजा से पहले हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। तंगेल जिले के मिर्जापुर उपजिला स्थित जमुर्की पश्चिमपाड़ा में करीब 85 साल पुराने मंदिर में अज्ञात उपद्रवियों ने दुर्गा समेत 7 निर्माणाधीन मूर्तियों को खंडित कर दिया। घटना बुधवार रात और गुरुवार सुबह के बीच की बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मंदिर में दुर्गा पूजा की तैयारियां चल रही थीं और मूर्तियों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका था। केवल रंग-रोगन का काम बाकी था। सुबह मंदिर पहुंचने पर मूर्तियां क्षतिग्रस्त मिलीं। जमुर्की आर्य समिति के अध्यक्ष प्रकाश बकाली ने घटना की पुष्टि करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने का भरोसा दिया है।
162 पत्रकारों पर हमले से भी बढ़ी चिंता
बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ-साथ पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मीडिया इनिशिएटिव फॉर डेवलपमेंट (MID) की मॉनिटरिंग रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन महीनों में 112 अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 162 पत्रकार हमले, धमकी, उत्पीड़न या कानूनी कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। इनमें जुलाई में 50, अगस्त में 67 और सितंबर में 45 पत्रकार प्रभावित हुए।
शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर भारत का बड़ा बयान
इसी बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर भारत ने भी स्थिति स्पष्ट की है। बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि हसीना के प्रत्यर्पण का मामला एक स्थापित कानूनी प्रक्रिया के तहत विचाराधीन है और फिलहाल इसकी कोई समयसीमा नहीं बताई जा सकती, क्योंकि इसमें अदालतों की प्रक्रिया भी शामिल है।
भारत की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि बांग्लादेश के प्रत्यर्पण अनुरोध की कानूनी समीक्षा की जा रही है। ऐसे में शेख हसीना की वापसी को लेकर फिलहाल कोई निश्चित तारीख या समयसीमा तय नहीं है। बांग्लादेश में मंदिरों पर हमले और पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़े ताजा मामले ऐसे समय सामने आए हैं, जब देश में अल्पसंख्यक सुरक्षा और प्रेस स्वतंत्रता को लेकर चिंता लगातार चर्चा में है।

