रायपुर, 28 अक्टूबर 2026। Larang Sai Statue : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर जिले को ₹202 करोड़ 65 लाख की लागत के 2,009 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से ग्राम चिरई-जसवंतपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय लरंग साय की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सरगुजा अंचल सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों के संतुलित विकास को सरकार का संकल्प बताया।
2,009 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण
बलरामपुर जिले में घोषित विकास कार्यों में ₹156 करोड़ 68 लाख की लागत के 1,863 कार्यों का भूमिपूजन और ₹45 करोड़ 97 लाख के 146 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, अधोसंरचना और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को गति मिलेगी।
लरंग साय के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय लरंग साय को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने जनसेवा, जनजातीय समाज के उत्थान और सरगुजा अंचल के विकास के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए तीन घोषणाएं भी कीं। इनमें शंकरगढ़ के बालक हायर सेकेंडरी स्कूल के लिए नए भवन का निर्माण, चांदो में सामुदायिक भवन और लरंग साय की प्रतिमा स्थल के पास स्मृति द्वार का निर्माण शामिल है।
15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होगी। सरकार के अनुसार, किसानों से ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदा जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में 360 नए धान खरीदी केंद्र भी शुरू किए जा रहे हैं, ताकि उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम हो।
गरीबों और जनजातीय परिवारों के लिए योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदायों के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति मानक बोरा की गई है। वहीं, भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को प्रतिवर्ष ₹10 हजार की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
सुशासन और क्षेत्रीय विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली तथा डिजिटल सेवाओं का विस्तार कर रही है। कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी स्वर्गीय लरंग साय के योगदान को याद किया और क्षेत्र के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही।

