रायपुर, 07 नवंबर। Diabetes Awareness Campaign: मधुमेह मुक्त समाज बनाने और लोगों को डायबिटीज के प्रति जागरूक करने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञ एवं रंगमंच कलाकार डॉ. अजय सहाय लगातार अनूठे प्रयोग कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने इस बार ऐतिहासिक फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ की थीम पर आधारित नाटिका ‘मधुमेह की मुगल-ए-आजम’ प्रस्तुत कर दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। रायपुर में डायबिटीज सोसायटी की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय वार्षिक कॉन्फ्रेंस में इस नाटिका का मंचन किया गया, जिसमें देशभर से करीब 500 चिकित्सकों ने हिस्सा लिया।

मुगल-ए-आजम के अंदाज में डायबिटीज जागरूकता का संदेश
डॉ. अजय सहाय द्वारा लिखित, निर्मित और निर्देशित इस नाट्य प्रस्तुति में मनोरंजन के साथ मधुमेह से बचाव और जागरूकता का संदेश दिया गया। नाटिका के माध्यम से चिकित्सकों के कर्तव्य और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को भी प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। इस इंफोटेनमेंट कार्यक्रम में डॉ. राका शिवहरे, प्रो. डॉ. स्मित श्रीवास्तव, डॉ. नवीन गुप्ता, डॉ. अजय सहाय, डॉ. अंकित सहाय, पुष्पेंद्र सिंह, मोहम्मद सलीम खान, तारा साहू, संगीता निषाद, लीना ठाकुर, डॉ. इज्या श्रीवास्तव और संतोष वर्मा ने प्रमुख भूमिकाएं निभाईं। नाटिका के लिए शाही दरबार का भव्य सेट आर्ट डायरेक्टर करीमुल्ला खान ने तैयार किया, जबकि रूप सज्जा की जिम्मेदारी विलास राउत ने निभाई।
‘मधुमेह की रामलीला’ को भी मिल चुकी है सराहना
गौरतलब है कि इससे पहले डॉ. अजय सहाय ने ‘मधुमेह की रामलीला’ नामक संगीत नाटिका तैयार की थी। इसमें रामायण की तर्ज पर दोहों और चौपाइयों के माध्यम से मधुमेह से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई थीं। इस नाटिका के देशभर में एक दर्जन से अधिक मंचन हो चुके हैं और इसे दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। दूरदर्शन केंद्र रायपुर ने भी नववर्ष की पूर्व संध्या पर इसका विशेष प्रसारण किया था। अब इस संगीत नाटिका की अगली प्रस्तुति बेंगलुरु में आयोजित होने वाली डायबिटीज की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में प्रस्तावित है।
डॉ. राका शिवहरे हैं दोनों प्रस्तुतियों के कॉन्सेप्ट क्रिएटर
दोनों नाट्य प्रस्तुतियों की परिकल्पना प्रसिद्ध डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. राका शिवहरे ने की है। चिकित्सा और रंगमंच के समन्वय से तैयार ये प्रस्तुतियां मधुमेह के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक अलग माध्यम के रूप में सामने आई हैं।


