महोबा/उत्तर प्रदेश, 04 जनवरी। Justice For Victims : उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से मानवता को झकझोर देने वाली एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है। शहर कोतवाली क्षेत्र की हिंद टायर गली में एक नौकर दंपति पर आरोप है कि उसने संपत्ति के लालच में रेलवे से रिटायर्ड बुजुर्ग कर्मचारी और उनकी मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटी को करीब पांच साल तक उनके ही घर में बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उचित देखभाल, खान-पान और इलाज के अभाव में बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि बेटी की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

मृतक की पहचान रेलवे से सीनियर क्लर्क पद से सेवानिवृत्त 70 वर्षीय ओमप्रकाश सिंह राठौर के रूप में हुई है। उनकी 27 वर्षीय बेटी रश्मि मानसिक रूप से अस्वस्थ बताई जा रही है और फिलहाल उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रेलवे से रिटायर्ड बुजुर्ग की बेइंतहा उपेक्षा
मृतक के भाई अमर सिंह के अनुसार, वर्ष 2016 में ओमप्रकाश की पत्नी के निधन के बाद वह अपनी बेटी के साथ अलग मकान में रहने लगे थे। इसी दौरान उन्होंने देखभाल के लिए चरखारी निवासी रामप्रकाश कुशवाहा और उसकी पत्नी रामदेवी को नौकर के रूप में रखा था। आरोप है कि धीरे-धीरे इस दंपति ने पूरे मकान पर कब्जा कर लिया और पिता-पुत्री को नीचे के कमरों में सीमित कर दिया।

परिजनों का कहना है कि नौकर दंपति ने बुजुर्ग और उनकी बेटी को परिवार से अलग-थलग कर दिया था। जब भी रिश्तेदार मिलने पहुंचते, तो उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता था कि वे किसी से मिलना नहीं चाहते। समय के साथ दोनों की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

सोमवार को ओमप्रकाश की तबीयत बिगड़ने और उनकी मौत की सूचना मिलने पर जब परिजन मौके पर पहुंचे, तो हालात देखकर वे स्तब्ध रह गए। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
नौकर दंपति ने मकान और बैंक बैलेंस हड़पने की नीयत
परिजनों का आरोप है कि नौकर दंपति ने मकान और बैंक बैलेंस हड़पने की नीयत से इस पूरी घटना को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया। फिलहाल बेटी की देखभाल की जिम्मेदारी परिजनों ने संभाल ली है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और वे आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।


