Supreme Leader of Iran : शोक में डूबा ईरान…! खामेनेई की मौत की खबर पढ़ते हुए फूट-फूट कर रोने लगा TV एंकर…7 दिन का सार्वजनिक अवकाश…40 दिन का राष्ट्रीय शोक…यहां देखें VIDEO

Supreme Leader of Iran : शोक में डूबा ईरान…! खामेनेई की मौत की खबर पढ़ते हुए फूट-फूट कर रोने लगा TV एंकर…7 दिन का सार्वजनिक अवकाश…40 दिन का राष्ट्रीय शोक…यहां देखें VIDEO

तेहरान, 01 मार्च। Supreme Leader of Iran : ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर से पूरे इस्लामिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। यह दुखद समाचार ईरान के सरकारी न्यूज चैनल पर प्रसारित किया गया, जहां लाइव प्रसारण के दौरान माहौल अत्यंत गमगीन दिखाई दिया।

खबर पढ़ते समय एक न्यूज एंकर अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सका और ऑन-एयर फूट-फूटकर रो पड़ा। टीवी स्क्रीन पर एंकर की आवाज पहले भारी हुई और फिर वह सुबकने लगा। उसने कहा, रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्लामिक क्रांति के सर्वोच्च नेता, आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई अब हमारे बीच नहीं रहे।

7 दिन का सार्वजनिक अवकाश, 40 दिन का राष्ट्रीय शोक

ईरानी कैबिनेट ने आधिकारिक बयान जारी कर पूरे देश में 7 दिनों के सार्वजनिक अवकाश और 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। देशभर से मातम और शोक सभाओं की तस्वीरें सामने आ रही हैं। मस्जिदों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की जा रही हैं।

हमले में परिवार के सदस्य भी मारे गए

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना एक हमले के दौरान हुई, जिसमें खामेनेई के परिवार के सदस्य उनकी बेटी, दामाद और पोती की भी मृत्यु की पुष्टि हुई है। इस घटना को केवल एक राजनीतिक हमला नहीं बल्कि एक पारिवारिक त्रासदी भी माना जा रहा है।

IRGC की संभावित प्रतिक्रिया

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की सैन्य शाखा Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) इस घटना के बाद किसी बड़े जवाबी कदम की तैयारी कर सकती है। राजधानी तेहरान में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। दुनिया भर के कई देशों ने भी अपने दूतावासों को अलर्ट जारी कर नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

अनिश्चित दौर में प्रवेश

इस्लामिक क्रांति के प्रमुख स्तंभ माने जाने वाले खामेनेई के निधन के बाद ईरान अब एक नए और अनिश्चित राजनीतिक दौर में प्रवेश कर चुका है। सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया और संभावित क्षेत्रीय तनाव को लेकर वैश्विक समुदाय की नजरें तेहरान पर टिकी हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह घटना क्षेत्रीय संघर्ष को और भड़का सकती है? क्या प्रतिशोध की आशंका वैश्विक तनाव को बढ़ाएगी? आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर पूरी दुनिया की निगाह बनी हुई है।

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