रायपुर 30 मई। Sushasaan Tihar के अंतर्गत 4 मई 2026 को खैरागढ़ छुई खदान गंडई जिले के विकासखंड छुईखदान के दूरस्थ वनांचल एवं बैगा जनजातीय ग्राम सरौधी में आयोजित मुख्यमंत्री चौपाल कार्यक्रम में ग्रामीणों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया गया। इस दौरान ग्राम कुम्ही की हरेलिया बाई गोंड एवं ग्राम सरौधी की मनमत बाई बैगा ने आंखों में मोतियाबिंद की समस्या बताते हुए उपचार की मांग रखी, जिस पर माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने त्वरित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के पालन में जिला कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा एवं खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष बघेल के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा तत्काल कार्रवाई की गई। नेत्र सहायक अधिकारी नरेंद्र निषाद ने बैगा जनजातीय क्षेत्र में नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित कर ग्रामीणों की जांच की, जिसमें दोनों महिलाओं सहित कुल 6 मरीजों में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई।
सभी मरीजों को आदि आरोग्य रथ के माध्यम से निःशुल्क उपचार हेतु मेडिकल कॉलेज अस्पताल राजनांदगांव भेजा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सफलतापूर्वक मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण किया गया। उपचार के बाद मरीजों को सुरक्षित पुनः उनके गांव तक पहुंचाया गया। वरिष्ठ नेत्र सहायक अधिकारी विनय रामटेके ने ऑपरेशन उपरांत मरीजों का फॉलोअप करते हुए उन्हें दवाइयों के नियमित सेवन, आंखों की साफ-सफाई तथा धूल-धुएं से बचाव संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिए।
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि आंखों या अन्य किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में निकटतम उप स्वास्थ्य केंद्र, मितानिन अथवा स्वास्थ्य कर्मचारियों को तत्काल सूचना दें, ताकि समय पर जांच एवं उपचार उपलब्ध कराया जा सके। यह पहल दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में निवासरत विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हो रही है।

