रायपुर, 02 जून। Emergency Fighters Pension : छत्तीसगढ़ सरकार ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसाबंदियों और लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने लोकतंत्र सेनानी सम्मान अधिनियम में संशोधन करते हुए सम्मान राशि और सुविधाओं का दायरा बढ़ा दिया है। अब पात्र लोकतंत्र सेनानियों को हर महीने 8 हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक सम्मान राशि दी जाएगी। साथ ही स्वतंत्रता सेनानियों की तरह चिकित्सा सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।
अब ज्यादा लोग होंगे पात्र
सरकार की नई अधिसूचना के अनुसार अब केवल जेल में बंद रहे लोग ही नहीं, बल्कि आपातकाल के दौरान थानों में निरुद्ध किए गए लोगों को भी योजना का लाभ मिलेगा। इससे लंबे समय से वंचित कई लोग अब इस योजना के दायरे में आ जाएंगे।
क्या था आपातकाल?
देश में वर्ष 1975 से 1977 के बीच लागू आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे विवादित दौर माना जाता है। इस दौरान कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं, सामाजिक नेताओं और लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज उठाने वालों को गिरफ्तार कर जेलों में रखा गया था। इन्हें ही लोकतंत्र सेनानी या मीसाबंदी कहा जाता है।
निरुद्ध अवधि के हिसाब से मिलेगी राशि
सरकार ने सम्मान राशि को निरुद्ध रहने की अवधि के आधार पर तय किया है, 1 माह तक निरुद्ध रहने वालों को ₹8,000 प्रतिमाह। 1 माह से 5 माह तक निरुद्ध रहने वालों को ₹15,000 प्रतिमाह। लंबी अवधि तक कारावास झेलने वालों को ₹25,000 प्रतिमाह तक सम्मान राशि।
फ्री इलाज की सुविधा भी
राज्य सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान चिकित्सा सुविधाएं देने का निर्णय लिया है। इससे बुजुर्ग सेनानियों को इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी राहत मिलेगी।
आवेदन के लिए 90 दिन का समय
सरकार ने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया भी तय कर दी है। पात्र लोगों को अधिसूचना जारी होने के 90 दिनों के भीतर आवेदन करना होगा। आवेदन जिला कलेक्टर या जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में जमा किए जाएंगे।
जरूरी दस्तावेज
- जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी प्रमाण पत्र
- आपातकाल के दौरान निरुद्ध या जेल में रहने का प्रमाण
- अन्य आवश्यक दस्तावेज
जिला स्तर पर बनेगी समिति
आवेदनों की जांच और पात्रता तय करने के लिए जिला स्तरीय समिति बनाई जाएगी। इसकी अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री करेंगे। समिति सत्यापन के बाद पात्र लोगों की सूची जारी करेगी।
लंबे समय से उठ रही थी मांग
लोकतंत्र सेनानी संगठनों द्वारा लंबे समय से सम्मान राशि बढ़ाने और चिकित्सा सुविधाएं देने की मांग की जा रही थी। सरकार के इस फैसले को उनकी मांगों की बड़ी जीत माना जा रहा है।
लोकतांत्रिक मूल्यों को सम्मान
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि लोकतंत्र की (Emergency Fighters Pension) रक्षा के लिए संघर्ष करने वालों के सम्मान का प्रतीक है। इससे लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी और इतिहास में योगदान देने वाले लोगों को उचित पहचान भी मिलेगी।

