बलौदाबाजार, 14 जून। Balodabazar Mystery Death Case : आठ मौतों के बाद पूरे गांव में डर का माहौल है। लोग सवाल पूछ रहे हैं, क्या यह जहरीली शराब का मामला है, कोई सोची-समझी साजिश या फिर अंधविश्वास के नाम पर मौत का खेल? बलौदाबाजार के खरवे गांव में उठे इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए प्रशासन को कब्र तक खुदवानी पड़ गई।
ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के इस छोटे से गांव में हुई 8 रहस्यमयी मौतों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक व्यक्ति ने शराब में जहर मिलाकर कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया। मामला इतना गंभीर हो गया कि प्रशासन को एक मृतक की कब्र खुदवाकर शव बाहर निकालना पड़ा और फॉरेंसिक जांच के लिए सैंपल भेजने पड़े।
कसडोल थाना क्षेत्र के खरवे गांव में पिछले कुछ महीनों के दौरान एक-एक कर 8 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई। मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव के ही रामसाय जायसवाल ने शराब पिलाने के बाद इन लोगों की जान ली। शिकायत मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन हर एंगल से मामले की जांच में जुट गया है।
जहर वाली शराब या तंत्र-मंत्र का खेल?
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गांव में चर्चा है कि कथित तौर पर जमीन में गड़े खजाने (हंडा) को हासिल करने के लिए लोगों की बलि दी जा रही थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं की है और इसे जांच का विषय बताया है।
शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में 14 मई को मृत हुए मेहतरू साहू के शव को कब्र से बाहर निकालकर सैंपल लिए गए। इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम और लैब रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों की असली वजह सामने आ सकेगी। ग्रामीणों के मुताबिक बद्री पटेल, बुटालु साहू, छत्तूराम साहू, बुदलू जायसवाल, विनोद साहू, गजानन मांझी, चैतु साहू और मेहतरू साहू की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। सभी मामलों में एक समान परिस्थितियां होने के कारण ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
SDOP कौशल किशोर वासनिक ने बताया कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच रिपोर्ट के बाद ही मौतों के कारण स्पष्ट हो सकेंगे।

