School Session Change 2027 : छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला…! 16 जून की परंपरा खत्म…अब अप्रैल से शुरू होगी पढ़ाई…छात्रों और पालकों के लिए बड़ा फैसला

School Session Change 2027 : छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला…! 16 जून की परंपरा खत्म…अब अप्रैल से शुरू होगी पढ़ाई…छात्रों और पालकों के लिए बड़ा फैसला

रायपुर, 24 जून। School Session Change 2027 : छत्तीसगढ़ के सरकारी और सीजी बोर्ड से संबद्ध निजी स्कूलों में अगले शैक्षणिक सत्र से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब प्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र 16 जून के बजाय 1 अप्रैल से शुरू किया जाएगा। यह निर्णय स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक में लिया गया।

स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बताया कि इस बदलाव का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, छात्रों को अधिक अध्ययन अवधि उपलब्ध कराना और परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाना है। विभाग जल्द ही इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा।

जानकारी के अनुसार, नए शिक्षा सत्र के साथ स्कूलों का वार्षिक कैलेंडर, परीक्षाओं का समय, मूल्यांकन प्रणाली और शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन भी नए ढंग से किया जाएगा। इससे राज्य बोर्ड और CBSE स्कूलों के बीच सत्र संचालन में मौजूद अंतर कम होने की उम्मीद है।

31 मार्च तक जारी होंगे परीक्षा परिणाम

नई व्यवस्था के तहत अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वार्षिक परीक्षाओं के परिणाम हर हाल में 31 मार्च तक जारी किए जाएं, ताकि 1 अप्रैल से नया सत्र सुचारू रूप से शुरू हो सके।

ड्रॉपआउट बच्चों को 31 जुलाई तक स्कूलों में जोड़ने का अभियान

बैठक में शिक्षा मंत्री ने पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा स्कूलों में प्रवेश दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान का लक्ष्य 31 जुलाई 2027 तक ड्रॉपआउट बच्चों को मुख्यधारा में वापस लाना है।

हाईस्कूल स्तर पर ड्रॉपआउट बड़ी चुनौती

विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर में कमी आई है, लेकिन हाईस्कूल स्तर पर अभी भी 15.3 प्रतिशत छात्र पढ़ाई छोड़ रहे हैं, जिसे रोकना विभाग की प्राथमिकता होगी।

इसलिए जरूरी था यह बदलाव

सीबीएसई और सीजी बोर्ड (School Session Change 2027) के बीच अध्ययन अवधि में समानता। प्रवेश प्रक्रिया और किताब वितरण में लगने वाले समय की बचत।पाठ्यक्रम पूरा करने और रिवीजन के लिए अतिरिक्त समय। कमजोर छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं संचालित करने में सुविधा।गर्मी की छुट्टियों से पहले लगभग एक माह की पढ़ाई पूरी करने का अवसर। डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा कि विभाग का प्रयास रहेगा कि 1 अप्रैल से स्कूल खुलें और विद्यार्थियों को समय पर पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं, ताकि शैक्षणिक गुणवत्ता में वास्तविक सुधार लाया जा सके।

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