US Dollar Facts : अमेरिकी नोट जल्दी क्यों नहीं फटते…? 4,000 बार तक मोड़ा जा सकता है…! वजह जानकर रह जाएंगे हैरान…यहां सुनें VIDEO

US Dollar Facts : अमेरिकी नोट जल्दी क्यों नहीं फटते…? 4,000 बार तक मोड़ा जा सकता है…! वजह जानकर रह जाएंगे हैरान…यहां सुनें VIDEO

नई दिल्ली, 20 जुलाई। US Dollar Facts : दुनिया की सबसे मजबूत मुद्राओं में शामिल अमेरिकी डॉलर को लेकर लोगों के मन में अक्सर सवाल उठता है कि 100 डॉलर का नोट आखिर किस पेपर से बनाया जाता है? कई लोग इसे सामान्य कागज समझते हैं, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।

दरअसल, अमेरिका का 100 डॉलर का नोट साधारण पेपर से नहीं बनता। इसे 75% कॉटन (कपास) और 25% लिनेन (सन के रेशे) के विशेष मिश्रण से तैयार किया जाता है। यही कारण है कि अमेरिकी नोट सामान्य कागज की तुलना में अधिक मजबूत, टिकाऊ और लंबे समय तक चलने वाले होते हैं।

क्यों नहीं इस्तेमाल होता सामान्य कागज?

अगर डॉलर के नोट साधारण लकड़ी से बने कागज पर छापे जाएं, तो वे जल्दी फट सकते हैं और खराब हो सकते हैं। कॉटन-लिनेन मिश्रण नोटों को बार-बार मोड़े जाने, पानी की हल्की नमी और रोजमर्रा के इस्तेमाल को बेहतर तरीके से सहने योग्य बनाता है।

100 डॉलर के नोट में कौन-कौन से सुरक्षा फीचर हैं?

  • 3D सिक्योरिटी रिबन
  • रंग बदलने वाली घंटी (Color-Shifting Bell)
  • वॉटरमार्क
  • सिक्योरिटी थ्रेड
  • माइक्रो प्रिंटिंग
  • उभरी हुई (Raised) प्रिंटिंग

इन आधुनिक सुरक्षा फीचर्स की वजह से नकली नोट बनाना काफी मुश्किल हो जाता है।

एक नोट कितने समय तक चलता है?

अमेरिकी 100 डॉलर का नोट औसतन 20 से 23 वर्ष तक चल सकता है। इसकी लंबी उम्र का मुख्य कारण इसका मजबूत कॉटन-लिनेन मिश्रण और उच्च गुणवत्ता वाली प्रिंटिंग तकनीक है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया जाता है कि इसे फटने से पहले हजारों बार, लगभग 4,000 बार तक मोड़ा जा सकता है, हालांकि इस संख्या की अमेरिकी अधिकारियों ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

क्या भारत के नोट भी ऐसे ही बनते हैं?

नहीं। भारतीय नोट भी साधारण कागज से नहीं बनते, बल्कि विशेष कॉटन आधारित बैंकनोट पेपर पर छापे जाते हैं, जिसमें सुरक्षा के लिए कई विशेष तत्व शामिल होते हैं।

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