Gadchiroli Snake Bite : आश्रम स्कूल में 3 आदिवासी छात्राओं की मौत…! CM फडणवीस ने रद्द की स्कूल की मंजूरी…ट्रस्टियों पर होगी कार्रवाई

Gadchiroli Snake Bite : आश्रम स्कूल में 3 आदिवासी छात्राओं की मौत…! CM फडणवीस ने रद्द की स्कूल की मंजूरी…ट्रस्टियों पर होगी कार्रवाई

नागपुर/गढ़चिरौली, 12 अगस्त। Gadchiroli Snake Bite : महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के एक आश्रम स्कूल में जहरीले सांप के काटने से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत के मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा एक्शन लिया है। घटना के करीब 24 घंटे बाद सरकार ने संबंधित स्कूल को चलाने की मंजूरी रद्द करने और सरकारी सहायता बंद करने का फैसला किया है।

मंगलवार को मुंबई में हुई कैबिनेट बैठक में आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल संचालक संस्था के ट्रस्टियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में विभागीय अधिकारियों एवं स्कूल स्टाफ की भूमिका की जांच की बात कही।

जहरीले सांप के डसने से तीन छात्राओं की मौत

आश्रम स्कूल में जहरीले सांप के काटने से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत हो गई। वहीं, दो अन्य छात्राओं का इलाज जारी है। इनमें से एक छात्रा गढ़चिरौली के अस्पताल में लाइफ सपोर्ट पर बताई जा रही है, जबकि दूसरी छात्रा को एयरलिफ्ट कर नागपुर लाया गया है और उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है। घटना के बाद स्कूल की व्यवस्थाओं और छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की तैयारी

गढ़चिरौली के सह-अभिभावक मंत्री आशीष जायसवाल ने कहा कि सहायता प्राप्त आश्रम स्कूल चलाने वाली शिक्षा समिति के ट्रस्टियों को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार सहायता प्राप्त स्कूलों को आवासीय छात्रों की शिक्षा और सुविधाओं के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध कराती है। ऐसे में इस तरह की घटना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करती है।

जायसवाल ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से दो बार बात की और मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फिलहाल सरकार का प्राथमिक ध्यान घायल छात्रों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर है।

आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी भी जांच के घेरे में

मंत्री अशोक उइके ने कहा कि जांच का दायरा केवल स्कूल प्रबंधन तक सीमित नहीं रहेगा। आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं। विभागीय व्यवस्था के अनुसार, एक अधिकारी को प्रत्येक आश्रम स्कूल का कम से कम महीने में एक बार निरीक्षण करना होता है। निरीक्षण के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर और जरूरी सुविधाओं की जांच कर स्पॉट रिपोर्ट भी तैयार की जाती है। अब जांच की जा रही है कि संबंधित अधिकारियों ने स्कूल का नियमित निरीक्षण किया था या नहीं।

प्रिंसिपल और सुपरिटेंडेंट पर भी उठे सवाल

घटना वाली रात स्कूल के प्रिंसिपल और सुपरिटेंडेंट के आवासीय परिसर में मौजूद नहीं होने के आरोप भी सामने आए हैं। अतिरिक्त आदिवासी आयुक्त, नागपुर डिवीजन आयुषी सिंह ने बताया कि इन आरोपों की आंतरिक जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा कि 2019 के आश्रमशाला कोड के अनुसार प्रिंसिपल और सुपरिटेंडेंट जैसे वरिष्ठ कर्मचारियों का रात में स्कूल परिसर में रहना अनिवार्य है। जांच रिपोर्ट में इस संबंध में पूरी जानकारी सामने आएगी।

14 अगस्त को बनेंगे नए SOP

आदिवासी विकास मंत्री के मुताबिक, 14 अगस्त को गढ़चिरौली में बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में आश्रम स्कूलों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर नए Standard Operating Procedures (SOPs) घोषित किए जाने की बात कही गई है। सरकार ने सभी संबंधित विभागों को घटना की पूरी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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