रायपुर, 13 अगस्त। Green Steel Summit Raipur : भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा रायपुर में आयोजित 5वें ग्रीन स्टील एवं माइनिंग समिट में जिंदल स्टील लिमिटेड ने प्राइम स्पॉन्सर के रूप में प्रभावी भागीदारी की। दो दिवसीय समिट का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव और उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की मौजूदगी में हुआ। समिट में जिंदल स्टील ने ग्रीन स्टील, ग्रीन एनर्जी और कार्बन फुटप्रिंट कम करने की अपनी योजनाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया।

जिंदल स्टील का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र
समिट के एग्जीबिशन एरिया में जिंदल स्टील की ओर से लगाए गए स्टॉल में कंपनी की उत्पादन क्षमता, वर्तमान परियोजनाओं और भविष्य की विस्तार योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
स्टॉल पर कंपनी के विभिन्न स्टील उत्पादों के साथ ग्रीन स्टील और ग्रीन एनर्जी से जुड़ी पहल भी प्रदर्शित की गई हैं। कंपनी की सेल्स और मार्केटिंग टीम आगंतुकों को उत्पादों की विशेषताओं और उनके उपयोग की जानकारी दे रही है।
जिंदल स्टील के बिजनेस हेड-रायपुर निलेश शाह और हेड-कॉरपोरेट अफेयर्स, रायपुर एस.एस. बजाज ने उपमुख्यमंत्री, उद्योग मंत्री सहित अन्य अतिथियों का स्वागत किया और कंपनी की मौजूदा परियोजनाओं तथा भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की।

मशीनरी डिवीजन का स्टॉल भी आकर्षण में
प्रदर्शनी क्षेत्र के बाहर जिंदल स्टील लिमिटेड के मशीनरी डिवीजन, रायपुर के उत्पादों का अलग स्टॉल भी लगाया गया है। यह स्टॉल भी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और आगंतुकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
2047 के लिए स्टील सेक्टर की तैयारी पर चर्चा
समिट के दौरान जिंदल स्टील की ओर से नवीन अहलावत ने ‘वर्ष 2047 के लिए इस्पात उद्योग जगत की तैयारी’ विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में हिस्सा लिया। उन्होंने कंपनी की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों, हरित एवं सतत विनिर्माण के प्रयासों और भविष्य की योजनाओं को साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत के इस्पात क्षेत्र को भविष्य के लिए तैयार करने में तकनीक, नवाचार, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरणीय स्थिरता की अहम भूमिका होगी।
ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग पर तकनीकी सत्र
जिंदल स्टील के बिजनेस हेड-रायपुर निलेश शाह ने ‘ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग इन हेवी इक्विपमेंट’ विषय पर तकनीकी सत्र में भी भाग लिया। उन्होंने हरित विनिर्माण, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक प्रक्रियाओं से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के साथ जिंदल स्टील के अनुभव साझा किए। सत्र में मौजूद उद्योग विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने उनके संबोधन की सराहना की।


