PM Modi BRICS Summit: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में PM मोदी का बड़ा संदेश: टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स के ‘वेपनाइजेशन’ से बढ़ सकता है खतरा; AI से किसानों तक पहुंचेगा फायदा, यहां सुनिए VIDEO

PM Modi BRICS Summit: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में PM मोदी का बड़ा संदेश: टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स के ‘वेपनाइजेशन’ से बढ़ सकता है खतरा; AI से किसानों तक पहुंचेगा फायदा, यहां सुनिए VIDEO

नई दिल्ली, 13 सितंबर। PM Modi BRICS Summit: ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर बड़ा संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और जरूरी मिनरल्स का हथियार की तरह इस्तेमाल BRICS देशों की साझा प्रगति के रास्ते में रुकावट पैदा कर सकता है। उन्होंने टेक्नोलॉजी को अपनाने की प्रक्रिया में सभी देशों और समाज के वर्गों को साथ लेकर चलने पर जोर दिया।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान रेजिलिएंस, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी को प्राथमिकता दी गई। इसी सोच के तहत टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, सप्लाई चेन और डिजिटल खेती जैसे क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं।

टेक्नोलॉजी का फायदा सभी तक पहुंचे

पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स का वेपनाइजेशन साझा विकास के लिए चुनौती बन सकता है। इसलिए नई तकनीकों का लाभ कुछ चुनिंदा देशों या समूहों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ज्यादा से ज्यादा देशों और लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ की भविष्य की तकनीकों के विकास और उनसे जुड़े नियम तय करने में बराबर भागीदारी होनी चाहिए।

AI से किसानों को जोड़ने की पहल

टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल का एक अहम उदाहरण डिजिटल एग्रीकल्चर के क्षेत्र में सामने आया है। पीएम मोदी ने BRICS Network on Digital Agriculture का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे किसानों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

इस पहल के तहत AI, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को किसानों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य तकनीक के जरिए खेती से जुड़ी समस्याओं का बेहतर समाधान करना और किसानों को नए अवसर उपलब्ध कराना है।

स्टार्टअप और सप्लाई चेन पर भी जोर

पीएम मोदी ने BRICS Incubator Network और Startup Innovation Fund का भी जिक्र किया। इन्क्यूबेटर नेटवर्क के जरिए BRICS देशों के स्टार्टअप और इन्क्यूबेटर्स को आपस में जोड़ने की पहल की गई है। वहीं, स्टार्टअप इनोवेशन फंड का प्रस्ताव बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले नए समाधानों को बढ़ावा देने के लिए रखा गया है। इसके अलावा BRICS Logistics Supply Chain Cooperation Framework का भी जिक्र किया गया। पीएम मोदी के मुताबिक इससे सप्लाई चेन को अधिक भरोसेमंद और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

बीमारी और आपदा से निपटने के लिए Early Warning System

BRICS देशों के बीच संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए Integrated Early Warning System पर भी सहमति बनी है। पीएम मोदी ने कहा कि किसी चुनौती की समय रहते पहचान, उसके लिए तैयारी और तत्काल कार्रवाई बेहद जरूरी है। इसके अलावा डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए Early Warning Data Integration Guidelines तैयार की गई हैं। पीएम मोदी ने कहा कि महामारी, जलवायु आपदा और सप्लाई चेन में रुकावटों ने साबित किया है कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में कोई भी संकट केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता।

भारत की BRICS अध्यक्षता में चार प्राथमिकताएं

भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान रेजिलिएंस, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी को केंद्र में रखते हुए कई पहल आगे बढ़ाई गईं। टेक्नोलॉजी से लेकर डिजिटल खेती, स्टार्टअप, सप्लाई चेन और अर्ली वॉर्निंग सिस्टम तक की पहलों का मकसद BRICS देशों के बीच सहयोग को मजबूत करना और साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान तलाशना है।

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