CG Land Law 2026 : छत्तीसगढ़ में जमीन विवाद पर बड़ा फैसला…! अब SDM नहीं…सीधे कलेक्टर करेंगे सुनवाई…किसानों को बड़ी राहत…अफसरों पर भी सख्ती

CG Land Law 2026 : छत्तीसगढ़ में जमीन विवाद पर बड़ा फैसला…! अब SDM नहीं…सीधे कलेक्टर करेंगे सुनवाई…किसानों को बड़ी राहत…अफसरों पर भी सख्ती

रायपुर, 02 मई। CG Land Law 2026 : छत्तीसगढ़ में जमीन विवादों के समाधान को आसान और तेज बनाने के लिए विष्णुदेव साय सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2026 को मंजूरी दे दी है, जिससे आम लोगों और किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

अब सीधे कलेक्टर के पास अपील

नए प्रावधानों के अनुसार, एसडीएम स्तर पर जमीन विवाद का समाधान नहीं होने पर अब अपील सीधे जिला कलेक्टर के पास की जा सकेगी। पहले इसके लिए संभागीय कमिश्नर कार्यालय जाना पड़ता था, जिससे लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।

खत्म हुई कमिश्नर कोर्ट प्रक्रिया

इस संशोधन के बाद अब कमिश्नर कोर्ट जाने की आवश्यकता खत्म हो गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें पहले 30 से 50 किलोमीटर दूर संभाग मुख्यालय तक जाना पड़ता था।

30 से 90 दिन में होगा निपटारा

सरकार ने जमीन विवादों के समाधान के लिए समय सीमा भी तय कर दी है। अब ऐसे मामलों का निपटारा 30 से 90 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा, जिससे लंबित मामलों में तेजी आएगी।

अफसरों की जवाबदेही तय

यदि किसी मामले में सुनवाई में अनावश्यक देरी होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

निवेश और रोजगार को बढ़ावा

संशोधित धारा 59 के तहत औद्योगिक उपयोग (CG Land Law 2026) की जमीनों को पुनर्मूल्यांकन से छूट दी गई है। इससे राज्य में निवेश बढ़ने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। प्रशासन ने सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि नए कानून के तहत मामलों की सूची तैयार कर जल्द सुनवाई प्रक्रिया शुरू की जाए।

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