कोलकाता, 05 मई। TMC Leaders Scam : पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद सियासी माहौल गरम हो गया है। बीजेपी की जीत के साथ ही अब TMC नेताओं पर चल रही जांच और घोटालों की फाइलें फिर चर्चा में आ गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में कई बड़े नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनावी हलफनामे में उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, लेकिन पार्टी के कई दिग्गज नेता गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं।
घोटालों में घिरे बड़े नाम
पार्थ चटर्जी
SSC शिक्षक भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी। करीब 26,000 नियुक्तियों में धांधली का आरोप। 2022 में गिरफ्तारी, 2025 में जमानत।
अभिषेक बनर्जी
CBI और ED की जांच में नाम सामने आया, SSC घोटाले से जुड़ा मामला।
शेख शाहजहां
जमीन कब्जा, महिलाओं के उत्पीड़न और धमकी जैसे गंभीर आरोप।
नुसरत जहां
हाउसिंग प्रोजेक्ट धोखाधड़ी मामले में ED की जांच, खरीदारों से पैसे लेकर फ्लैट न देने का आरोप।
मदन मित्रा
धोखाधड़ी, विश्वासघात और आपराधिक धमकी के केस दर्ज।
अन्य नेताओं पर भी जांच का शिकंजा
देबाशीष कुमार– जमीन घोटाले में नाम, ED ने 2026 में पूछताछ की। सबरीना यासमीन– न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के मामले में NIA की कार्रवाई। सुजॉय हाजरा– दंगा, चोरी और सरकारी कर्मचारी पर हमले जैसे गंभीर आरोप।
TMC शासन के बड़े घोटाले
पिछले कुछ वर्षों में, पश्चिम बंगाल में कई बड़े घोटाले सामने आए हैं, जिनमें SSC शिक्षक भर्ती घोटाला, शारदा चिट फंड घोटाला, नारद स्टिंग ऑपरेशन, PDS घोटाला और कोयला तस्करी का मामला शामिल हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सत्ता समीकरण बदलने के बाद जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो सकती है, जिससे TMC के (TMC Leaders Scam) कई नेताओं की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

