रायगढ़, 07 जून। Property Fraud : माता-पिता के बाद एक लड़की के लिए उसका पति ही सबसे बड़ा भरोसा, सुरक्षा और जीवन का साथी माना जाता है। विवाह केवल दो लोगों का नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और समर्पण का पवित्र बंधन होता है। लेकिन जब इसी रिश्ते में स्वार्थ, छल और विश्वासघात जगह बना लें, तो न सिर्फ एक परिवार टूटता है, बल्कि समाज के सामने रिश्तों की मर्यादा भी सवालों के घेरे में आ जाती है। रायगढ़ जिले से सामने आया एक ऐसा ही मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां पति-पत्नी के रिश्ते में भरोसे की डोर टूटने के बाद करोड़ों की संपत्ति और धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों ने सभी को चौंका दिया है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में करोड़ों की संपत्ति और मेहनत की कमाई हड़पने की कथित साजिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घरघोड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक व्यवसायी की शिकायत पर उसकी पत्नी और साले को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में चोरी, धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप लगे हैं। पुलिस अब तीसरे आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
CCTV कैमरे से खुला राज
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर शिकायत की जांच एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी द्वारा की गई। जांच में प्रथम दृष्टया करोड़ों की संपत्ति हड़पने और व्यवसाय से जुड़ी रकम के गबन के आरोप सही पाए गए। इसके बाद थाना घरघोड़ा में अपराध दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की गई।
शिकायतकर्ता पिंगल कुमार बघेल ने बताया कि वह फेब्रिकेशन, सेंट्रिंग और मीडिया व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। वर्ष 2008 में उसकी शादी सीमा यादव उर्फ सीमा बघेल से हुई थी। व्यवसाय बढ़ने के बाद ससुर और साले का घर में हस्तक्षेप बढ़ने लगा।
व्यवसायी के मुताबिक वह रोजाना व्यवसाय से होने वाली आय पत्नी को सुरक्षित रखने के लिए देता था। लेकिन वर्ष 2014 में रकम कम मिलने पर उसे शक हुआ। इसके बाद घर में CCTV कैमरे लगवाए गए। फुटेज में कथित तौर पर पत्नी को आलमारी से पैसे निकालकर अपने भाई कृष्ण कुमार यादव को देते हुए देखा गया। जांच में कृष्ण कुमार यादव के बैंक खाते में लगभग 22 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन सामने आए, जबकि वह बेरोजगार बताया गया है।
भरोसे की डोर टूटी तो सामने आई लाखों के लेन-देन की कहानी
शिकायतकर्ता पिंगल कुमार बघेल ने पुलिस को बताया कि वह फेब्रिकेशन, सेंट्रिंग और मीडिया व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। वर्ष 2008 में उसकी शादी सीमा यादव उर्फ सीमा बघेल से हुई थी। शादी के बाद दोनों का पारिवारिक जीवन सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन जैसे-जैसे व्यवसाय में तरक्की हुई और आर्थिक स्थिति मजबूत होती गई, वैसे-वैसे पत्नी के मायके पक्ष का घर में हस्तक्षेप बढ़ने लगा। शिकायत के मुताबिक ससुर भरतलाल यादव और साला कृष्ण कुमार यादव का घर में लगातार आना-जाना रहने लगा।
पिंगल बघेल के अनुसार वह अपने व्यवसाय से होने वाली रोजाना की कमाई अपनी पत्नी सीमा बघेल को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सौंपता था। उसे अपनी पत्नी पर पूरा भरोसा था और इसी विश्वास के चलते वह घर की आर्थिक जिम्मेदारियां भी उसी के हवाले करता रहा।
लेकिन वर्ष 2014 में उसे अचानक संदेह हुआ कि व्यवसाय से अच्छी आय होने के बावजूद घर में अपेक्षित रकम जमा नहीं हो रही है। लगातार रकम में अंतर दिखाई देने पर उसने मामले की सच्चाई जानने के लिए घर में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए।
शिकायत के अनुसार जब उसने CCTV फुटेज की जांच की तो वह हैरान रह गया। फुटेज में कथित तौर पर उसकी पत्नी सीमा बघेल आलमारी से नकदी निकालकर अपने भाई कृष्ण कुमार यादव को देते हुए दिखाई दी। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई गई। जांच के दौरान कृष्ण कुमार यादव के बैंक खातों का अवलोकन किया गया, जिसमें लगभग 22 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन सामने आए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कृष्ण कुमार यादव बेरोजगार था, इसके बावजूद उसके खाते में इतनी बड़ी रकम का लेन-देन होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
तमनार की जमीन बनी विवाद की जड़
शिकायतकर्ता पिंगल कुमार बघेल के अनुसार वर्ष 2022 में उसने तमनार क्षेत्र में ऐसी भूमि खरीदने की योजना बनाई थी, जिसके भविष्य में अधिग्रहित होने की संभावना थी। बताया गया कि उस जमीन पर आने वाले समय में करोड़ों रुपये के मुआवजे के साथ नौकरी मिलने की भी संभावना जताई जा रही थी। व्यवसायी का आरोप है कि इसी महत्वपूर्ण जानकारी और संभावित आर्थिक लाभ को देखते हुए उसके ससुर भरतलाल यादव, साला कृष्ण कुमार यादव और पत्नी सीमा बघेल की नीयत बदल गई।
शिकायत के मुताबिक तीनों ने आपस में मिलकर योजनाबद्ध तरीके से उस पर मानसिक और पारिवारिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि लगातार दबाव और पारिवारिक तनाव के बीच करीब 13 लाख 50 हजार रुपये मूल्य की जमीन की रजिस्ट्री सीमा बघेल के नाम पर कराई गई।
पिंगल बघेल का आरोप है कि जमीन अपने नाम कराने के बाद भी आरोपियों की मंशा नहीं बदली और धीरे-धीरे उसकी अन्य संपत्तियों पर भी कब्जा करने की कोशिशें शुरू कर दी गईं। शिकायतकर्ता के अनुसार उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा, ताकि वह आर्थिक और मानसिक रूप से कमजोर पड़ जाए और उसकी संपत्तियों पर आसानी से नियंत्रण हासिल किया जा सके।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई
मामले में थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 188/2026 के तहत BNS की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया। थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सीमा बघेल और कृष्ण कुमार यादव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक मामले में एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी अभी बाकी है और उसकी तलाश लगातार जारी है।
एसएसपी का सख्त संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि धोखाधड़ी, (Property Fraud) गबन और आपराधिक षड्यंत्र जैसे आर्थिक अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ितों को न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है।

