Fall in oil Prices : ट्रंप के एक ऐलान से धड़ाम हुए कच्चे तेल के दाम…! 5% तक टूटा क्रूड ऑयल…भारत में सस्ते हो सकते हैं पेट्रोल-डीजल…जानिए कितना असर पड़ेगा

Fall in oil Prices : ट्रंप के एक ऐलान से धड़ाम हुए कच्चे तेल के दाम…! 5% तक टूटा क्रूड ऑयल…भारत में सस्ते हो सकते हैं पेट्रोल-डीजल…जानिए कितना असर पड़ेगा

नई दिल्ली, 15 जून। Fall in oil Prices : पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव के बीच आम लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान और अमेरिका के बीच समझौते की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इससे आने वाले दिनों में भारत समेत कई देशों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद बढ़ गई है।

रविवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 3.9 प्रतिशत गिरकर 84 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जबकि अमेरिकी क्रूड ऑयल (WTI) में 4.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह लगभग 81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

बताया जा रहा है कि यह गिरावट उस घोषणा के बाद आई, जिसमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौता पूरा होने का दावा किया। ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के फिर से खोलने की मंजूरी दी जा रही है और अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी भी तत्काल हटाई जाएगी।

दुनिया के तेल व्यापार की लाइफलाइन है होर्मुज

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। क्षेत्रीय तनाव के कारण इस मार्ग पर लगातार अनिश्चितता बनी हुई थी, जिससे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही थी।

विशेषज्ञों का मानना था कि यदि यह मार्ग लंबे समय तक बाधित रहता तो कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकती थीं, जिसका सीधा असर वैश्विक महंगाई और ईंधन कीमतों पर पड़ता।

समझौते पर 19 जून को होंगे हस्ताक्षर

जानकारी के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। मध्यस्थ देशों के प्रयासों के बाद दोनों पक्ष सैन्य गतिविधियों को रोकने और क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने पर सहमत हुए हैं। तेल बाजार ने इस घटनाक्रम का सकारात्मक स्वागत किया है, जिसके चलते निवेशकों की चिंता कम हुई और कच्चे तेल के दामों में तेज गिरावट देखने को मिली।

भारत को मिल सकती है राहत

भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर आने वाले समय में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों पर भी पड़ सकता है। हालांकि अंतिम फैसला तेल कंपनियों और सरकारी नीतियों पर निर्भर करेगा।

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