रायपुर, 15 जून। IAS officers of CG : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि जनसेवा ही प्रशासनिक सेवा का सर्वोच्च उद्देश्य है और एक प्रशासनिक अधिकारी का हर निर्णय हजारों लोगों के जीवन को प्रभावित करता है। इसलिए प्रत्येक निर्णय में जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री साय सोमवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के तीन प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे।
जनता के बीच जाइए, समस्याएं समझिए : CM
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को उनकी सफलता के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा जनसेवा का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने की सलाह दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा और प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसका उपयोग समाज और आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संभावनाओं से परिपूर्ण प्रदेश है और यहां के लोग सरल, सहज, मेहनती तथा आत्मीय स्वभाव के हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रदेश की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों, तेजी से विकसित हो रही कनेक्टिविटी, पर्यटन की संभावनाओं, नक्सल उन्मूलन में मिली सफलताओं तथा राज्य के विकास की यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, जनजातीय परंपराओं और विकास के नए अवसरों पर भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि ईमानदारी, निष्ठा और जनहित की भावना से लिया गया प्रत्येक निर्णय प्रदेश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर जिलों सहित सरगुजा संभाग के जशपुर, सरगुजा और कोरिया जिलों का भ्रमण करने का अवसर मिला। उन्होंने स्थानीय जनजीवन, संस्कृति, विकास गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का अध्ययन किया तथा मां दंतेश्वरी के दर्शन भी किए।
प्रशासनिक सेवा के माध्यम से जनहित कार्य करना उनकी जिम्मेदारी : युवा IAS
अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विविधताओं, सांस्कृतिक समृद्धि और आत्मीयता से भरपूर प्रदेश है। यहां के लोगों का स्नेह, जनजातीय परंपराएं और समाज में सकारात्मक बदलाव की संभावनाओं ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा के माध्यम से जनहित में कार्य करना उनके लिए गौरव और जिम्मेदारी दोनों है।
मुलाकात के दौरान अधिकारियों ने प्रशासनिक सेवा की तैयारी से जुड़े अनुभव, चुनौतियां और प्रेरक प्रसंग भी साझा किए। मुख्यमंत्री ने उन्हें निरंतर सीखते रहने, जमीनी स्तर से जुड़े रहने तथा मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर कार्य करने की प्रेरणा दी।
उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षु IAS अधिकारी गोकुल आर. के., वी. यशवंत नायक और ईशांत जायसवाल वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। तीनों अधिकारियों को छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित हुआ है। जिला प्रशिक्षण पर रवाना होने से पूर्व उन्होंने मुख्यमंत्री से भेंट कर मार्गदर्शन प्राप्त किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक एवं अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, संचालक टी.सी. महावर तथा संयुक्त संचालक प्रणव सिंह भी उपस्थित थे।


