रायपुर, 16 जून। Power Tariff Rate : छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों की घोषणा कर दी है। नई टैरिफ दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी। आयोग ने बिजली शुल्क में औसतन 6.23 प्रतिशत की वृद्धि की है। आयोग का कहना है कि बढ़ती महंगाई, कोयले की कीमतों, बिजली उत्पादन एवं वितरण लागत और पूर्व वर्षों के वित्तीय घाटे को देखते हुए यह वृद्धि आवश्यक थी।
घरेलू उपभोक्ताओं पर कितना असर?
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में औसतन 30 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। अलग-अलग खपत वर्ग के अनुसार यह बढ़ोतरी 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक होगी।
- 0 से 200 यूनिट तक: 30 पैसे प्रति यूनिट वृद्धि
- 201 से 600 यूनिट तक: 40 पैसे प्रति यूनिट वृद्धि
- 600 यूनिट से अधिक: 50 पैसे प्रति यूनिट वृद्धि
हालांकि सरकार का दावा है कि मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के कारण अधिकांश परिवारों पर वास्तविक अतिरिक्त भार केवल 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट के आसपास रहेगा।
मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना से राहत
राज्य सरकार की मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत 400 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक की खपत पर आधा बिजली बिल देने की सुविधा मिलती रहेगी। इससे निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के लाखों परिवारों को राहत मिलेगी।
सोलर उपभोक्ताओं को भी फायदा
पीएम सूर्यघर योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं की ग्रिड आधारित बिजली खपत कम हो रही है। ऐसे उपभोक्ताओं पर नई दरों का असर बेहद सीमित रहने की संभावना है।
गैर-घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए क्या बदला?
- गैर-घरेलू श्रेणी में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक वृद्धि।
- कृषि पंप उपभोक्ताओं के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी।
- किसानों को राज्य सरकार की सब्सिडी जारी रहने से इसका सीधा आर्थिक असर नहीं होगा।
उद्योगों के लिए नई दरें
उच्च दाब (HT) औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली शुल्क में संशोधन किया गया है।
- 220 केवी एवं 132 केवी श्रेणी में 30 पैसे प्रति यूनिट वृद्धि।
- डिमांड चार्ज में 25 रुपये प्रति KVA की बढ़ोतरी।
- 33 केवी श्रेणी में 40 पैसे प्रति यूनिट वृद्धि।
- 11 केवी श्रेणी में 30 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी।
उपभोक्ताओं को मिली अतिरिक्त राहत
नई टैरिफ व्यवस्था में कई राहतें भी शामिल की गई हैं।
- बस्तर और सरगुजा के आदिवासी छात्रावासों को घरेलू श्रेणी का लाभ।
- विलंबित भुगतान अधिभार की व्यवस्था को सरल बनाया गया।
- 10 किलोवाट से अधिक भार वाले घरेलू और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं को ऑफ-पीक अवधि में 20 पैसे प्रति यूनिट की छूट मिलेगी।
पड़ोसी राज्यों से अब भी सस्ती बिजली
आयोग के अनुसार संशोधित दरों के बावजूद छत्तीसगढ़ में बिजली शुल्क मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और झारखंड की तुलना में अभी भी कम रहेगा। इससे राज्य के घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों को प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली उपलब्ध होती रहेगी।
मुख्य पॉइंट्स
1 जुलाई 2026 से नई बिजली दरें लागू
औसतन 6.23% टैरिफ वृद्धि
घरेलू उपभोक्ताओं पर 30-50 पैसे प्रति यूनिट असर
CM ऊर्जा राहत योजना जारी
200 यूनिट तक आधा बिजली बिल का लाभ
किसानों को सब्सिडी का फायदा जारी
पड़ोसी राज्यों से अब भी सस्ती बिजली

