रायपुर, 17 जून। GST Audit : बदलते कर कानूनों और डिजिटल अनुपालन के दौर में व्यापारियों के लिए जीएसटी कानून की सही जानकारी सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बन गई है। देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) छत्तीसगढ़ द्वारा रायपुर स्थित प्रदेश कार्यालय पगारिया कॉम्प्लेक्स, पंडरी में आयोजित जीएसटी जागरूकता एवं अनुपालन कार्यशाला में व्यापारियों को विभागीय जांच, नोटिस, समन, ऑडिट, फर्जी आईटीसी और उनके कानूनी अधिकारों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए CAIT के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन अमर पारवानी ने कहा कि आज के समय में व्यापारियों के लिए व्यवसाय की जानकारी के साथ-साथ कानून की समझ भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही व्यापारियों को अनावश्यक विवादों और कानूनी परेशानियों से बचा सकती है। CAIT लगातार प्रशिक्षण, कार्यशालाओं और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापारियों को सशक्त बनाने का कार्य कर रहा है।

GST जांच से डरने की नहीं, समझने की जरूरत
मुख्य वक्ता एवं प्रसिद्ध जीएसटी विशेषज्ञ सीए जितेन्द्र सिंह खनूजा ने कहा कि जीएसटी विभाग की किसी भी वैधानिक कार्रवाई से व्यापारियों को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। यदि समय पर अनुपालन किया जाए और दस्तावेज व्यवस्थित रखे जाएं तो अधिकांश विवादों से बचा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में जीएसटी से जुड़े अधिकांश विवाद GSTR-2B और GSTR-3B के मिसमैच के कारण उत्पन्न होते हैं। इसलिए व्यापारियों को नियमित रूप से रिटर्न और आईटीसी का मिलान करना चाहिए।
नोटिस और समन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
सीए खनूजा ने विभागीय जांच, नोटिस, समन, ऑडिट, निरीक्षण और सर्च से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी नोटिस या समन की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। निर्धारित समय-सीमा के भीतर उचित जवाब देना हर करदाता की जिम्मेदारी है। उन्होंने व्यापारियों को स्टॉक रिकॉर्ड, खरीद-बिक्री दस्तावेज, ई-वे बिल और अन्य अभिलेखों को व्यवस्थित रखने की सलाह दी, ताकि जांच या ऑडिट के दौरान अनावश्यक परेशानियों से बचा जा सके।
फर्जी ITC और फर्जी बिलिंग पर बरतें सतर्कता
कार्यशाला में फर्जी बिलिंग और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि किसी भी सप्लायर के साथ व्यापारिक लेन-देन से पहले उचित सत्यापन (Due Diligence) करना आवश्यक है। जीएसटी पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी का नियमित सत्यापन और GSTR-2B की निगरानी भविष्य में होने वाले विवादों को रोक सकती है।
व्यापारियों की समस्याओं का किया समाधान
CAIT छत्तीसगढ़ के टेक्निकल हेड एवं कर सलाहकार सीए मुकेश मोटवानी ने कहा कि व्यापारियों को जीएसटी कानून से डरने की नहीं, बल्कि उसे समझने की आवश्यकता है। विभागीय नोटिस या जांच की स्थिति में घबराने के बजाय तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर जवाब देना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों ने नोटिस, आईटीसी, ई-वे बिल, अपील प्रक्रिया और अन्य व्यावहारिक समस्याओं से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान किया। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की मांग की।


