नई दिल्ली, 30 जून। One Nation One Ration Card : प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मुफ्त या रियायती राशन पाने वाले 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड (ONORC)’ व्यवस्था को और अधिक लचीला बनाते हुए राशन वितरण प्रणाली में अहम बदलाव किया है।
अब राशन कार्ड धारकों को अपने पूरे मासिक राशन के लिए केवल एक ही उचित मूल्य की दुकान (राशन दुकान) पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वे अपनी सुविधा और उपलब्धता के अनुसार देश की किसी भी राशन दुकान से गेहूं और दूसरी दुकान से चावल भी ले सकेंगे।
ATM की तरह काम करेगी नई व्यवस्था
सरकार ने इस व्यवस्था की तुलना ATM बैंकिंग सिस्टम से की है। जैसे किसी भी बैंक का ग्राहक देश के किसी भी ATM से पैसे निकाल सकता है, उसी तरह अब राशन कार्ड धारक भी किसी एक निर्धारित दुकान तक सीमित नहीं रहेंगे।
इससे तकनीकी खराबी, लंबी कतार, स्टॉक खत्म होने या किसी दुकान के बंद होने जैसी समस्याओं के कारण राशन से वंचित होने की परेशानी काफी हद तक खत्म होगी।
इन लोगों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
नई व्यवस्था का सबसे अधिक लाभ उन प्रवासी श्रमिकों, मजदूरों और कामकाजी लोगों को मिलेगा, जो रोजगार के लिए अक्सर दूसरे शहरों या राज्यों में रहते हैं। अब उन्हें अपने गृह जिले या निर्धारित राशन दुकान पर लौटने की जरूरत नहीं होगी। वे जहां रह रहे हैं, वहीं नजदीकी उचित मूल्य की दुकान से अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे।
सरकार ने क्या कहा?
केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि One Nation One Ration Card (ONORC) प्रणाली के तहत पात्र लाभार्थी देशभर में किसी भी उचित मूल्य की दुकान से राशन प्राप्त कर सकते हैं। यह व्यवस्था ATM बैंकिंग की तरह काम करेगी, जिससे लोगों को अधिक सुविधा और पारदर्शिता मिलेगी।
क्या है One Nation One Ration Card योजना?
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत शुरू की गई One Nation One Ration Card (ONORC) योजना का उद्देश्य पूरे देश में राशन कार्ड की पोर्टेबिलिटी सुनिश्चित करना है।
इस योजना के तहत आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए पात्र लाभार्थी भारत के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में जाकर अपना रियायती राशन प्राप्त कर सकते हैं।
नई व्यवस्था से होंगे ये बड़े फायदे
- देश की किसी भी राशन दुकान से मिलेगा राशन।
- गेहूं और चावल अलग-अलग दुकानों से लेने की सुविधा।
- लंबी कतारों और भीड़ से मिलेगी राहत।
- स्टॉक खत्म होने पर दूसरी दुकान से मिलेगा अनाज।
- प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों को बड़ी सुविधा।
- राशन वितरण व्यवस्था होगी अधिक पारदर्शी और आसान।

