रायपुर, 03 जुलाई। Chhattisgarh Madrasa Board : छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने इसके स्थान पर राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के गठन का सुझाव दिया है, ताकि मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों को धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा भी प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जा सके।
डॉ. सलीम राज ने अपने पत्र में कहा है कि वर्तमान व्यवस्था में बदलाव कर ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित की जानी चाहिए, जिससे मदरसों के विद्यार्थी आधुनिक विषयों की पढ़ाई कर मुख्यधारा की शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसरों से जुड़ सकें।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि मदरसों के लिए पाठ्यक्रम निर्धारण समिति गठित की जाए, जो धार्मिक शिक्षा के साथ विज्ञान, गणित, कंप्यूटर, अंग्रेजी और अन्य आधुनिक विषयों को शामिल करते हुए नया पाठ्यक्रम तैयार करे।
डॉ. राज ने अपने प्रस्ताव में उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के तहत शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में भी इसी मॉडल पर विचार करने का आग्रह किया है।
यदि राज्य सरकार इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ती है, तो प्रदेश में मदरसा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


