रायपुर, 14 जुलाई। Teacher Eligibility Test : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठा। विधायक उत्तरी गणपत जांगड़े ने प्रश्नकाल के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग से पूछा कि क्या सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद राज्य सरकार शिक्षकों को TET से राहत देने के लिए कोई नई नीति बना रही है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का होगा पालन
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। सरकार न्यायालय के आदेशों के अनुरूप ही निर्णय लेगी और फिलहाल किसी विशेष राहत या छूट पर विचार नहीं किया जा रहा है।
Review Petition दायर नहीं की गई
विधायक ने यह भी पूछा कि क्या राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ Review Petition (पुनर्विचार याचिका) दायर की है। इस पर मंत्री ने साफ कहा कि सरकार ने कोई पुनर्विचार याचिका दायर नहीं की है।
साल में दो बार TET कराने पर क्या कहा?
राष्ट्रीय स्तर पर TET साल में दो बार आयोजित होने का हवाला देते हुए राज्य में भी ऐसा करने की मांग उठी। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आवश्यकता के अनुसार ही TET परीक्षा आयोजित की जाती है।
विभागीय TET की भी नहीं है योजना
सदन में यह सवाल भी पूछा गया कि क्या सरकार विभागीय स्तर पर सीमित TET आयोजित कर पात्रता अंकों में छूट देने पर विचार कर रही है। इस पर शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है।
सरकार का रुख साफ
विधानसभा की चर्चा से यह स्पष्ट हो गया कि राज्य सरकार TET को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करेगी, लेकिन फिलहाल नई नीति, पात्रता में छूट या विभागीय TET जैसी किसी व्यवस्था पर विचार नहीं किया जा रहा है।

