रायपुर, 24 जुलाई। Bharat Vyapar Mahotsav 2026 : देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने 12 से 15 अगस्त 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले ‘भारत व्यापार महोत्सव 2026’ के लिए छत्तीसगढ़ में रिकॉर्ड बिजनेस डेलीगेट पंजीयन अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान का उद्देश्य सरगुजा से बस्तर तक प्रदेश के व्यापारियों, उद्योगपतियों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों की ऐतिहासिक भागीदारी सुनिश्चित करना है।

रायपुर स्थित CAIT प्रदेश कार्यालय में आयोजित ऐतिहासिक बैठक में प्रदेश के 26 जिलों के अध्यक्षों और प्रमुख पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता CAIT के नेशनल वाइस चेयरमैन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य अमर पारवानी ने की।
विश्वस्तरीय बिजनेस नेटवर्किंग का मिलेगा मौका
बैठक को संबोधित करते हुए अमर पारवानी ने कहा कि ‘भारत व्यापार महोत्सव’ केवल ट्रेड फेयर नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक शक्ति और वैश्विक व्यापार का सबसे बड़ा मंच है। यहां व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, निवेशकों, उद्योगपतियों और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बताया कि महोत्सव में शामिल होने वाले व्यापारियों को—
- विश्वस्तरीय B2B बिजनेस मीटिंग्स
- Artificial Intelligence (AI) और ऑटोमेशन
- डिजिटल कॉमर्स
- स्टार्टअप इकोसिस्टम
- ई-कॉमर्स और फ्रेंचाइजी मॉडल
- इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट
- नई मशीनरी और आधुनिक व्यापारिक तकनीकों
से जुड़ी नवीनतम जानकारी और व्यावसायिक अवसर प्राप्त होंगे।
‘लोकल टू ग्लोबल’ बनेगा छत्तीसगढ़ का व्यापार
CAIT छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन ने कहा कि यह महोत्सव प्रदेश के एमएसएमई, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप्स, हस्तशिल्पियों और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का सशक्त मंच बनेगा।
प्रदेश महामंत्री अवनीत सिंह ने बताया कि सभी 26 जिलों में विशेष संपर्क एवं पंजीयन अभियान चलाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक व्यापारी इस महोत्सव का हिस्सा बन सकें और अपने व्यवसाय को ‘लोकल टू ग्लोबल’ बना सकें।
प्रदेशभर में चलेगा जागरूकता अभियान
बैठक में निर्णय लिया गया कि पूरे छत्तीसगढ़ में व्यापक जनजागरण अभियान चलाकर व्यापारियों, उद्योगपतियों, स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को भारत व्यापार महोत्सव से जोड़ा जाएगा, जिससे प्रदेश की भागीदारी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना सके।

