नई दिल्ली, 24 जुलाई। PM Modi Midnight Selfie Message : नोटबंदी, सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे बड़े फैसलों के दौरान भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी रात को जनता को संबोधित नहीं किया था। लेकिन इस बार रात ठीक 11:52 बजे उन्होंने मोबाइल के सेल्फी कैमरे से रिकॉर्ड किया गया तीन मिनट का वीडियो जारी किया। यह सिर्फ पेपर लीक पर सरकार का जवाब नहीं था, बल्कि डिजिटल दौर के युवाओं यानी Gen Z तक उसी भाषा और उसी प्लेटफॉर्म पर पहुंचने की एक नई राजनीतिक और संचार रणनीति भी माना जा रहा है।
NEET पेपर लीक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात 11:52 बजे एक सेल्फी वीडियो जारी कर सीधे छात्रों से संवाद किया। करीब तीन मिनट के इस वीडियो में उन्होंने छात्रों को ‘दोस्तों’ कहकर संबोधित किया और भरोसा दिलाया कि सरकार परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
प्रधानमंत्री ने माना कि पेपर लीक कोई मामूली घटना नहीं है और इससे लाखों छात्रों व उनके परिवारों को मानसिक पीड़ा हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई महीनों में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह थी कि 22 लाख छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में परीक्षाएं कराई गईं और परिणाम भी घोषित किए गए।
कैबिनेट में आएगा नया कानून
प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि सरकार फास्ट-ट्रैक कोर्ट और परीक्षा में धांधली करने वालों के लिए कड़े दंड का प्रावधान करने वाले नए कानून का मसौदा तैयार कर चुकी है। इस प्रस्ताव पर कैबिनेट में चर्चा होगी और जल्द संसद में विधेयक लाने की कोशिश की जाएगी।
क्यों चर्चा में है यह वीडियो?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह वीडियो सिर्फ एक सरकारी संदेश नहीं, बल्कि Gen Z तक पहुंचने की नई कम्युनिकेशन स्ट्रेटेजी भी है। प्रधानमंत्री ने टीवी संबोधन की बजाय मोबाइल के सेल्फी मोड में वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे ऐसे समय पोस्ट किया जब बड़ी संख्या में युवा सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं।
वीडियो पोस्ट होने के बाद इसे कुछ ही घंटों में करोड़ों बार देखा गया और सोशल मीडिया पर यह तेजी से वायरल हो गया। हालांकि इसके साथ कई यूजर्स ने शिक्षा मंत्री की जवाबदेही और पेपर लीक मामले पर सरकार से और स्पष्ट जवाब भी मांगे।

