Vande Mataram : 1500 मीटर लंबे तिरंगे के साथ गूंजा ‘वंदे मातरम्’, तिरंगा यात्रा में स्काउट-गाइड ने बढ़ाया देशभक्ति का जोश

Vande Mataram : 1500 मीटर लंबे तिरंगे के साथ गूंजा ‘वंदे मातरम्’, तिरंगा यात्रा में स्काउट-गाइड ने बढ़ाया देशभक्ति का जोश

रायपुर,11अगस्त। Vande Mataram के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राजधानी रायपुर में आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आई। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक निकाली गई इस ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद, विधायक, निगम-मंडल-आयोग के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में स्काउट-गाइड, स्कूली छात्र-छात्राएं, एनसीसी स्वयंसेवक एवं नागरिक उत्साहपूर्वक शामिल हुए। लगभग 1500 मीटर लंबे तिरंगे के साथ निकली इस यात्रा ने राजधानी के वातावरण को राष्ट्रभक्ति और एकता के भाव से भर दिया।

तिरंगा यात्रा में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर एवं पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा के निर्देशन में स्काउट-गाइड दल ने 1500 मीटर लंबे तिरंगे की अगुवाई करते हुए अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ कदम से कदम मिलाया। स्काउट-गाइड एवं रोवर-रेंजर की अनुशासित और उत्साहपूर्ण सहभागिता ने तिरंगा यात्रा की गरिमा को और बढ़ाया।

1500 मीटर लंबे तिरंगे के साथ गूंजा ‘वंदे मातरम्’, तिरंगा यात्रा में स्काउट-गाइड ने बढ़ाया देशभक्ति का जोश

*राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत किया*

यात्रा के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष से पूरा वातावरण देशभक्ति से गूंज उठा। हाथों में तिरंगा और मन में राष्ट्रप्रेम का भाव लिए स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर एवं पदाधिकारियों की सहभागिता ने नागरिकों में राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत किया। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ की इस सहभागिता ने युवाओं को राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान का संदेश दिया।

*देशभक्ति के जज्बे, एकता और राष्ट्रीय गौरव की सामूहिक अभिव्यक्ति*

1500 मीटर लंबे तिरंगे के साथ निकली यह भव्य तिरंगा यात्रा प्रदेशवासियों के लिए अविस्मरणीय और ऐतिहासिक पल रही। यह यात्रा केवल राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का आयोजन नहीं, बल्कि देशभक्ति के जज्बे, एकता और राष्ट्रीय गौरव की सामूहिक अभिव्यक्ति बनी। जिस तरह तिरंगा हजारों हाथों में शान से लहरा रहा था, उसी तरह लोगों के हृदय में देशभक्ति का ज्वार उमड़ता दिखाई दिया।

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छत्तीसगढ शिक्षा