रायपुर, 14 अगस्त। GPM : किसानों को परंपरागत खेती के साथ लाभकारी एवं व्यावसायिक फसलों से जोड़कर उनकी आय के नए और स्थायी स्रोत विकसित करने की दिशा में गौरेला पेन्ड्रा मरवाही में महत्वपूर्ण पहल की गई है। भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन की महत्वपूर्ण पहल राष्ट्रीय मिशन-ऑयल पाम के अंतर्गत विकासखंड गौरेला के ग्राम मडना में वृहद ऑयल पाम रोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां कृषक मयंक सोनी, रमेश सोनी सहित अन्य कृषकों की कुल 8 हेक्टेयर भूमि में 1,144 ऑयल पाम पौधों के रोपणका कार्य प्रारंभ किया गया।
कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे, कलेक्टर विजय दयाराम के., वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे, अनुविभागीय दंडाधिकारी पेण्ड्रारोड श्री अमित बेक सहित जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ऑयल पाम के पौधों का रोपण किया और कृषकों को इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित किया।
किसानों को आधुनिक एवं व्यावसायिक कृषि से जोड़ने की पहल
राष्ट्रीय मिशन-ऑयल पाम के माध्यम से जिले में ऑयल पाम की खेती का विस्तार करने के साथ ही किसानों को आधुनिक एवं व्यावसायिक कृषि से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके माध्यम से किसानों को परंपरागत फसलों के अतिरिक्त आय के नए विकल्प उपलब्ध कराने तथा कृषि में फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है।
ग्राम मडना में शुरू किया गया वृहद रोपण कार्यक्रम जिले में ऑयल पाम की खेती के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कृषकों की सहभागिता से 8 हेक्टेयर क्षेत्र में एक साथ 1,144 पौधों का रोपण भविष्य में अन्य किसानों को भी इस व्यावसायिक फसल की ओर आकर्षित करने में सहायक होगा।
शासकीय अनुदान के साथ मिल रहा तकनीकी मार्गदर्शन
राष्ट्रीय मिशन-ऑयल पाम के तहत किसानों को केवल पौधरोपण के लिए प्रोत्साहित ही नहीं किया जा रहा, बल्कि उन्हें योजना के प्रावधानों के अनुसार शासकीय अनुदान का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। उद्यानिकी विभाग द्वारा पात्र कृषकों को योजना से जोड़कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
इसके साथ ही किसानों को ऑयल पाम की खेती की वैज्ञानिक विधि, पौधों के उचित रख-रखाव एवं बेहतर उत्पादन के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इससे कृषकों को नई फसल अपनाने में सुविधा मिलने के साथ बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी।
दीर्घकालीन आय का बेहतर माध्यम बन सकती है ऑयल पाम की खेती
ऑयल पाम एक दीर्घकालीन एवं व्यावसायिक फसल है, जो किसानों के लिए भविष्य में निरंतर एवं बेहतर आय का माध्यम बन सकती है। जिले में इसके रकबे के विस्तार से फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलने के साथ कृषि आधारित आय में वृद्धि की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
ऑयल पाम की खेती का विस्तार होने से स्थानीय स्तर पर कृषि से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों एवं रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि की संभावनाएं हैं। इससे किसानों को अपनी कृषि भूमि से दीर्घकाल तक आय प्राप्त करने का एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध हो सकेगा।
परंपरागत खेती के साथ लाभकारी फसलों को अपनाने के लिए किया जा रहा प्रोत्साहित
जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा कृषकों को परंपरागत फसलों के साथ लाभकारी और व्यावसायिक फसलों को अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को योजनाओं की जानकारी देने से लेकर तकनीकी सहायता एवं शासकीय अनुदान का लाभ दिलाने तक आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
राष्ट्रीय मिशन-ऑयल पाम के अंतर्गत ग्राम मडना में शुरू की गई यह पहल जिले के किसानों को कृषि के नए अवसरों से जोड़ने, फसल विविधीकरण को गति देने और उनकी आय के स्थायी स्रोत विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

