काठमांडू, 31 अगस्त। Nepal Flood: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ का असर अब भारत तक दिखाई दे रहा है। बाढ़ में बह गए लोगों के 17 शव उत्तर प्रदेश की गंडक नदी से बरामद हुए हैं। इनमें से 13 शव कुशीनगर जिले की खड्डा और तमकुही राज तहसीलों में मिले, जबकि महाराजगंज से बरामद 4 शव सोमवार को नेपाल प्रशासन को सौंप दिए गए।
अधिकारियों के मुताबिक, कई शवों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। ऐसे में पोस्टमॉर्टम के दौरान DNA सैंपल सुरक्षित किए गए हैं, ताकि आगे पहचान की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
गंडक नदी से मिले 17 शव
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद नदियों में बहकर आए शव अब उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों तक पहुंच रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार कुशीनगर से 13 और महाराजगंज से 4 शव बरामद किए गए हैं। महाराजगंज से मिले चार शवों को सोमवार को नेपाल प्रशासन को सौंप दिया गया। इनमें तीन महिलाएं शामिल थीं। शवों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जिन शवों की तत्काल पहचान नहीं हो सकी, उनके DNA नमूने लिए गए हैं।
नेपाल-तिब्बत में 955 मौतें, 3900 से ज्यादा लापता
इस प्राकृतिक आपदा ने नेपाल और तिब्बत के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक नेपाल-तिब्बत में अब तक 955 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें नेपाल में 939 और तिब्बत में 16 मौतें शामिल हैं। वहीं, 3900 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़, भूस्खलन और अचानक बढ़े जलस्तर के कारण कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
चीन ने कहा- 12 दिन पहले नेपाल को दी थी चेतावनी
इस बीच बाढ़ से पहले जरूरी मौसम संबंधी डेटा साझा नहीं करने के आरोपों के बीच चीन ने अपना पक्ष रखा है। चीन का कहना है कि उसके वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल सेंटर ने नेपाल को 12 दिन पहले ही ईमेल के जरिए चेतावनी भेजी थी। इसके मुताबिक भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ की आशंका के बारे में नेपाल को पहले ही जानकारी दे दी गई थी। चीन के इस दावे के बाद आपदा से पहले चेतावनी और मौसम संबंधी सूचना साझा किए जाने को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
भारत तक पहुंचा नेपाल बाढ़ का असर
नेपाल की नदियों में अचानक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव का असर सीमावर्ती भारतीय क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। गंडक नदी में शव मिलने की घटनाओं ने बाढ़ की भयावहता को और उजागर कर दिया है।कुशीनगर और महाराजगंज में शव मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। वहीं, परिवारों की ओर से लापता परिजनों की तलाश जारी है।
DNA सैंपल से होगी शवों की पहचान
जिन शवों की पहचान नहीं हो पाई है, उनके DNA सैंपल लिए गए हैं। इससे भविष्य में परिजनों के DNA से मिलान कर पहचान करने में मदद मिल सकती है। ऐसे मामलों में शवों की पहचान केवल कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं होती, बल्कि लापता परिवारों को उनके अपनों के बारे में सही जानकारी देने के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होती है।
नेपाल बाढ़ ने छोड़े तबाही के गहरे निशान
नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड ने जान-माल का भारी नुकसान किया है। बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं और हजारों लोगों के अब भी लापता होने से राहत एजेंसियों की चुनौती बनी हुई है। उत्तर प्रदेश में मिले 17 शव इस त्रासदी के भारत तक पहुंच चुके असर की भयावह तस्वीर पेश करते हैं। वहीं, 955 मौतों और 3900 से अधिक लोगों के लापता होने के आंकड़े बताते हैं कि नेपाल और आसपास के क्षेत्र अभी भी इस आपदा से उबरने की जद्दोजहद में हैं।

