Premanand Maharaj Ashram Dispute: केलि कुंज आश्रम में दो गुट सक्रिय! कई आश्रमों पर किया कब्जा, आहत प्रेमानंद महाराज ने छोड़ा केलि कुंज आश्रम; श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष का दावा

Premanand Maharaj Ashram Dispute: केलि कुंज आश्रम में दो गुट सक्रिय! कई आश्रमों पर किया कब्जा, आहत प्रेमानंद महाराज ने छोड़ा केलि कुंज आश्रम; श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष का दावा

वृंदावन, 04 अक्टूबर। Premanand Maharaj Ashram Dispute: संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े राधा केलि कुंज आश्रम में शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला लगातार सुर्खियों में है। 25 सितंबर को दीपक की गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या के एंगल से देख रही है, लेकिन घटना से जुड़े कई सवालों के चलते विवाद गहराता जा रहा है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दीपक के शरीर पर गंभीर चोटों के साथ निजी अंग पर भी चोट की बात सामने आई है। अत्यधिक रक्तस्राव को मौत का कारण बताया गया है। मामले में पुलिस मोबाइल, सीसीटीवी समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

तीन परिवारों के पहुंचने से आश्रम के बाहर हंगामा

दीपक की मौत के बाद विवाद उस समय और बढ़ गया, जब अलग-अलग स्थानों से तीन परिवार अपने परिजनों की तलाश में आश्रम के बाहर पहुंचे। परिजनों ने अपने लापता लोगों के बारे में जानकारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान आश्रम के बाहर हंगामा और नारेबाजी भी हुई।

दिनेश शर्मा फलाहारी ने लगाए गंभीर आरोप

श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष और हिंदूवादी नेता दिनेश शर्मा फलाहारी ने आश्रम को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि केलि कुंज आश्रम में दो गुट सक्रिय हैं और इनमें से एक गुट पर जमीन व संपत्ति से जुड़े कारोबार में शामिल होने के आरोप हैं। इस धोखेबाज़ गुट ने लगभग 15 आश्रमों पर कब्ज़ा कर लिया है और प्रेमानंद महाराज इससे बहुत परेशान हैं। इसी वजह से उन्होंने केलि कुंज आश्रम छोड़ दिया है और 20 किलोमीटर दूर बेलवन आश्रम चले गए हैं। उनका कहना है कि अगर केलि कुंज आश्रम में रहने वाले अपराधी सोच वाले नकली साधुओं और संतों की गतिविधियों की जांच की जाए, तो पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।

फलाहारी ने यह भी दावा किया कि कथित तौर पर कुछ लोगों ने कई आश्रमों पर कब्जा कर रखा है और पूरे मामले की गहन जांच की जरूरत है। उन्होंने साधु-संतों के वेश में रहने वाले लोगों के पुलिस वेरिफिकेशन की मांग की है। उन्होंने संतों के बीच संभावित विवाद की आशंका जताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाने और उन्हें जेड प्लस सुरक्षा देने की मांग किए जाने की बात कही है।

साध्वी इंदुलेखा ने भी उठाए सवाल

मथुरा की साध्वी इंदुलेखा ने भी कुछ असामाजिक तत्वों पर प्रेमानंद महाराज की छवि खराब करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि महाराज की आड़ में कुछ लोग कथित तौर पर जमीनों पर अवैध कब्जे और दबाव बनाने जैसी गतिविधियां कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक तस्वीर पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

9 दिन बाद ट्रस्ट ने जारी की अपील

विवाद बढ़ने के बीच घटना के करीब नौ दिन बाद राधा केलि कुंज ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक अपील जारी की गई। ट्रस्ट ने कहा कि हालिया घटना से प्रेमानंद महाराज और उनके अनुयायी बेहद आहत हैं। ट्रस्ट ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए पुलिस प्रशासन को घटना की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है।

ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं और आम लोगों से जांच पूरी होने तक अपुष्ट जानकारी, अफवाहों और अनुमानों के आधार पर प्रेमानंद महाराज या आश्रम की छवि खराब करने वाली बातें फैलाने से बचने की अपील भी की है।

अब पुलिस जांच पर टिकी नजर

दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल और अन्य साक्ष्यों की जांच अहम मानी जा रही है। वहीं, आश्रम से जुड़े आरोपों और तीन परिवारों द्वारा अपने परिजनों की तलाश को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल ट्रस्ट ने निष्पक्ष जांच में सहयोग का भरोसा दिया है। ऐसे में पुलिस जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि दीपक की मौत के पीछे वास्तविक घटनाक्रम क्या था और आश्रम से जुड़े लगाए जा रहे अन्य आरोपों में कितनी सच्चाई है।

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