रायपुर, 08 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में व्यापारियों और उद्यमियों के लिए विशेष सीखने के सत्र ‘उद्यम से विरासत तक’ (From Enterprise to Legacy) का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य व्यवसाय विस्तार, ब्रांड निर्माण, बिजनेस की निरंतरता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर व्यापारियों को मार्गदर्शन देना है।
यह विशेष सत्र 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को दोपहर 3:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक होटल बेबीलॉन इन, जेल रोड, रायपुर में आयोजित होगा। कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता अपने अनुभव और व्यावसायिक विशेषज्ञता के माध्यम से व्यापारियों एवं उद्यमियों को कारोबार को अगले स्तर तक ले जाने और भविष्य के लिए मजबूत बिजनेस तैयार करने की रणनीतियां बताएंगे।
कारोबार को अगले स्तर तक ले जाने पर होगी चर्चा
कार्यक्रम के पहले सत्र में विक्रम लिमसे, निदेशक, PSAC & Associates एवं संस्थापक-हेलिकॉन कंसल्टिंग, Catalysts of Growth – Unlocking the Next Level of Growth विषय पर मार्गदर्शन देंगे। इस दौरान वर्तमान व्यवसाय के विस्तार, भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान और मजबूत ब्रांड निर्माण के महत्व पर चर्चा की जाएगी। साथ ही कारोबार में ग्रोथ के नए अवसरों और व्यवसाय को अगले स्तर तक पहुंचाने की रणनीतियों पर भी जानकारी दी जाएगी।
बिजनेस उत्तराधिकार की रणनीति भी समझेंगे उद्यमी
दूसरे सत्र में सीए संजीव अग्रवाल, पार्टनर, PSAC & Associates रायपुर, Future Proofing Your Business – Succession Strategies That Work विषय पर अपनी बात रखेंगे। इस सत्र में व्यवसाय के उत्तराधिकार की योजना, कारोबार को भविष्य के लिए सुरक्षित रखने और अगली पीढ़ी को व्यवस्थित तरीके से व्यवसाय हस्तांतरित करने से जुड़ी रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
“व्यवसाय को मजबूत विरासत बनाना हमारा लक्ष्य” – सतीश थौरानी
कार्यक्रम को लेकर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने व्यापारियों और उद्यमियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि व्यवसाय केवल आज के मुनाफे तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे ऐसी मजबूत विरासत के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सफलता की नींव बने।
उन्होंने कहा कि सही रणनीति, ब्रांड बिल्डिंग और दूरदर्शी सोच के माध्यम से स्थानीय व्यापार को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है और इसके साथ राष्ट्र निर्माण में भी योगदान दिया जा सकता है। चेम्बर की ओर से व्यापारियों और उद्यमियों से इस विशेष सीखने के सत्र में शामिल होकर विशेषज्ञ वक्ताओं के अनुभव और मार्गदर्शन का लाभ उठाने की अपील की गई है।

