केरल, 03 जून। Child Abuse Case : केरल के नेदुमंगाडु से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। डेढ़ साल के मासूम अर्शिद की मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो खुलासे हुए, उसने हर किसी को सन्न कर दिया। मासूम के शरीर पर 51 गहरे जख्म मिले हैं। आरोप है कि बच्चे की सगी मां अखिला और उसके लिव-इन पार्टनर अश्कर ने लंबे समय तक उसे बेरहमी से प्रताड़ित किया।

पुलिस के मुताबिक, मासूम के दोनों हाथ तोड़ दिए गए थे और शरीर को कई जगह सिगरेट से दागा गया था। हालत बिगड़ने पर आरोपी बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंचे और उल्टी-बेहोशी की कहानी सुनाई, लेकिन डॉक्टरों को शरीर पर चोटों के निशान देखकर शक हुआ। बाद में SAT Hospital में बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने मां और उसके बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार कर लिया। मामले के खुलासे के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने आरोपियों को घेरने की कोशिश भी की, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अश्कर पर पहले भी घरेलू हिंसा और जानलेवा हमले के गंभीर आरोप लग चुके हैं। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
मां और लिव-इन पार्टनर की क्रूरता
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अखिला (मृत बच्चे की माँ) और उसके लिव-इन पार्टनर, अशकर के रूप में हुई है। इन दोनों पर डेढ़ साल के मासूम बच्चे, अर्शीद को इतनी बेरहमी से शारीरिक यातना देने का आरोप है कि 29 मई को चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। नेदुमंगड पुलिस ने शुरू में शनिवार को अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया था। हालांकि, जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई, तो पुलिस अधिकारी भी सन्न रह गए। रिपोर्ट में बच्चे के शरीर पर कई ताज़े और पुराने चोट के निशान पाए गए, जो इस बात का सबूत हैं कि बच्चे को लंबे समय तक लगातार यातना दी गई थी।

दोनों हाथ टूटे; शरीर पर सिगरेट से जलने के निशान
इस पूरे मामले के संबंध में, उस मासूम बच्चे के नाना-नानी और दादा ने पुलिस के सामने दिल दहला देने वाले खुलासे किए हैं। रोते हुए नानी ने बताया कि जब अखिला बच्चे को अपने साथ ले गई थी, तब वह पूरी तरह से स्वस्थ था। परिवार वालों ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी एक बार बच्चे के दोनों हाथ टूट गए थे; उस समय आरोपी ने यह बहाना बनाया था कि बच्चा गिर गया था। परिवार ने आगे आरोप लगाया कि बच्चे का पूरा शरीर सिगरेट से जलने के गोल-गोल निशानों से भरा हुआ था। रुंधे हुए गले से बच्चे के नाना ने कहा, ‘बच्चे के शरीर का एक भी हिस्सा ऐसा नहीं बचा था, जिस पर चोट न लगी हो।’ यह बात ध्यान देने लायक है कि इस मासूम बच्चे के पिता का निधन उसके जन्म से पहले ही हो गया था।

