रायपुर, 04 मई। CM Secretariat : छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री सचिवालय की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और सुव्यवस्थित बनाने के लिए अधिकारियों के कार्यों का नए सिरे से विभाजन किया है। जारी आदेश के अनुसार सचिव स्तर के अधिकारियों को विभिन्न विभागों, योजनाओं और प्रमुख कार्यक्रमों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही पहली बार संभागवार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिससे प्रशासनिक समन्वय और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

रजत बंसल को मिली सुशासन तिहार और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री के सचिव रजत बंसल को राज्य सरकार के प्रमुख कार्यक्रम सुशासन तिहार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा वे शिक्षा विभाग और शिक्षा का अधिकार (RTE) से जुड़े मामलों की निगरानी भी करेंगे।
पी. दयानंद संभालेंगे स्वास्थ्य, PWD और मुख्यमंत्री राहत कोष
पी. दयानंद को लोक निर्माण विभाग (PWD), स्वास्थ्य विभाग और मुख्यमंत्री राहत कोष से जुड़े कार्यों का दायित्व सौंपा गया है। स्वास्थ्य सेवाओं और अधोसंरचना विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की जिम्मेदारी अब उनके पास रहेगी।

राहुल भगत के पास गृह, परिवहन और पर्यटन विभाग
राहुल भगत को गृह, परिवहन, पर्यटन और समाज कल्याण विभागों का प्रभार दिया गया है। कानून-व्यवस्था, पर्यटन विकास और सामाजिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर उनकी विशेष निगरानी रहेगी।
कृषि, ऊर्जा और खाद्य विभाग की कमान मुकेश बंसल को
मुकेश बंसल को कृषि, ऊर्जा और खाद्य विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसानों से जुड़े मुद्दों, बिजली व्यवस्था और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के मामलों का समन्वय वे करेंगे।

जनदर्शन, राजस्व और नगरीय प्रशासन का जिम्मा प्रभात मलिक को
प्रभात मलिक को जनदर्शन कार्यक्रम, राजस्व विभाग और नगरीय प्रशासन से जुड़े कार्यों का दायित्व दिया गया है। आम नागरिकों की शिकायतों के निराकरण और शहरी विकास से जुड़े विषय अब उनके अधीन रहेंगे।
पहली बार संभागवार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति
राज्य सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए विभिन्न संभागों हेतु नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी की है। सरकार का मानना है कि इससे विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी।
शासन को मिलेगी नई रफ्तार
सरकार के अनुसार नए कार्य विभाजन और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति से मुख्यमंत्री सचिवालय की कार्यक्षमता बढ़ेगी। साथ ही विभागीय कामकाज में तेजी आएगी और जनहित की योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा।


