Pollution Industry Notice : छत्तीसगढ़ में Pollution पर सख्ती…! 3 करोड़ से ज्यादा की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति…94 कंपनियों को नोटिस…AQI में 4% सुधार…प्रदूषणकारी उद्योगों पर ताबड़तोड़ एक्शन

Pollution Industry Notice : छत्तीसगढ़ में Pollution पर सख्ती…! 3 करोड़ से ज्यादा की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति…94 कंपनियों को नोटिस…AQI में 4% सुधार…प्रदूषणकारी उद्योगों पर ताबड़तोड़ एक्शन

रायपुर, 04 जून। Pollution Industry Notice : छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने रायपुर क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 94 उद्योगों को नोटिस जारी किया है। पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन पर कुल 3 करोड़ 3 लाख रुपये से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई है।

मंडल द्वारा रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद जिलों में संचालित उद्योगों की नियमित निगरानी और औचक निरीक्षण किया जा रहा है। कार्रवाई वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 और जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 के तहत की गई।

82 उद्योगों पर बंदी और बिजली काटने की कार्रवाई

जनवरी 2025 से मई 2026 के बीच 82 उद्योगों के खिलाफ उत्पादन बंद करने या विद्युत विच्छेदन के निर्देश जारी किए गए। वहीं 96 उद्योगों पर 2.40 करोड़ रुपये से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई।

बिना तारपोलिन परिवहन पर भी जुर्माना

कच्चे माल, उत्पाद और ठोस अपशिष्टों का बिना तारपोलिन ढंके परिवहन करने वाले 136 उद्योगों और संस्थानों पर 51 लाख रुपये से ज्यादा की पेनल्टी लगाई गई। इसके अलावा फ्लाई ऐश के अवैध परिवहन और डंपिंग के मामलों में 2 उद्योगों पर 12 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई।

Single Use Plastic पर सख्त कार्रवाई

सिंगल-यूज प्लास्टिक और प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पादों के खिलाफ भी मंडल ने सख्त रुख अपनाया है। एक उद्योग का उत्पादन बंद कराते हुए 87 हजार रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति लगाई गई और न्यायालय में परिवाद दायर किया गया। वहीं एक अन्य उद्योग पर 6.25 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई।

रायपुर की हवा हुई बेहतर

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के मुताबिक (Pollution Industry Notice) रायपुर शहर की वायु गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया गया है। वर्ष 2024 में जहां औसत AQI 65.38 था, वहीं 2025 में यह घटकर 62.86 हो गया है। यानी वायु गुणवत्ता में करीब 4 प्रतिशत सुधार हुआ है। मंडल ने कहा है कि पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

About The Author

छत्तीसगढ