रायपुर, 04 जून। Bill To Ship To Rules : छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज एवं छत्तीसगढ़ सीमेंट मर्चेंट्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को चौधरी देवीलाल उद्योग व्यापार भवन में जीएसटी के ई-वे बिल एवं ‘बिल टू-शिप टू’ से जुड़े नए नियमों पर महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य व्यापारियों को नए कर नियमों और उनके व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देना था।
कार्यक्रम में चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि ‘नियमों की सही जानकारी ही व्यापार का सुरक्षा कवच है।’ उन्होंने व्यापारियों से तकनीकी बदलावों को अपनाने और नियमों के प्रति सजग रहने की अपील की।
GST नियमों पर CA टीम ने दी रीयल टाइम ट्रेनिंग
कार्यशाला में मौजूद सीए विशेषज्ञों ने ई-वे बिल और बिल टू-शिप टू से संबंधित कानूनी और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।चेम्बर वाइस चेयरमैन सीए चेतन तारवानी ने कहा कि GST नियमों में बदलाव का मुख्य उद्देश्य टैक्स चोरी रोकना है, लेकिन जानकारी के अभाव में ईमानदार व्यापारी भी परेशान हो सकते हैं। उन्होंने पार्ट-A और पार्ट-B में सही डेटा एंट्री और पिन कोड मिलान की अहमियत समझाई।
छोटी गलती से रुक सकता है ITC
सीए टीम ने व्यापारियों को आगाह किया कि बिलिंग एड्रेस और डिलीवरी एड्रेस में तकनीकी त्रुटि होने पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) ब्लॉक हो सकता है। साथ ही ई-वे बिल की वैधता अवधि और एक्सटेंशन नियमों की जानकारी भी दी गई।
मल्टीपल डिलीवरी पर विशेष चर्चा
सीए विजय गोलछा ने सीमेंट व्यापार में होने वाली मल्टीपल डिलीवरी की समस्याओं और दस्तावेजी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि भविष्य में कार्रवाई से बचने के लिए ‘सटीक डेटा एंट्री’ सबसे जरूरी है।
कनाडा दौरे से लौटे सतीश थौरानी ने साझा किए अनुभव
हाल ही में कनाडा व्यापारिक दौरे से लौटे सतीश थौरानी का कार्यक्रम में सम्मान भी किया गया। उन्होंने कहा कि विदेशों में लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन बेहद आधुनिक है और यदि छत्तीसगढ़ के व्यापारी तकनीक और नियमों को बेहतर ढंग से अपनाएं तो व्यापार कई गुना बढ़ सकता है।
व्यापारियों की समस्याओं का मौके पर समाधान
कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तरी सत्र में व्यापारियों ने ई-वे बिल, मल्टीपल डिलीवरी और बिलिंग संबंधी समस्याएं रखीं, जिनका विशेषज्ञों ने मौके पर समाधान किया।

