नई दिल्ली, 24 जुलाई। Sonam Wangchuk Hunger Strike : 26 दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।
गुरुवार देर रात करीब 11:30 बजे केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिलने पहुंचे। इस दौरान लद्दाख एपेक्स बॉडी के प्रमुख नेता भी मौजूद रहे। इससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने वांगचुक से मुलाकात कर अनशन समाप्त करने की अपील की थी और संसद में नीट पेपर लीक व परीक्षा प्रणाली सुधार पर चर्चा कराने का भरोसा दिया था।
वांगचुक ने बताया कि पिछले दो दिनों से सरकार के साथ लगातार बातचीत चल रही थी। उनकी मांग थी कि सभी आश्वासन लिखित रूप में दिए जाएं। इसी कारण फैसला होने में दो दिन अतिरिक्त लगे और उन्हें अनशन जारी रखना पड़ा।
सरकार के लिखित आश्वासन की 3 बड़ी बातें
- जंतर-मंतर प्रदर्शन और 20 जुलाई संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।
- पेपर लीक रोकने और परीक्षा प्रणाली में सुधार पर संसद में चर्चा कर स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
- नीट पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सरकार सकारात्मक विचार करेगी।
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने लद्दाख एपेक्स बॉडी, आंदोलन में शामिल लोगों और समर्थन देने पहुंचे सांसदों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 26 दिनों बाद पहली बार भोजन किया और यह अनुभव बेहद भावुक करने वाला रहा।

