Dimagi Naxal Party : पीएम मोदी के एक शब्द की ताकत…! PM के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर सोशल मीडिया पर बड़ा ट्विस्ट…इसी नाम से बना पेज…तेजी से बढ़े फॉलोअर्स…यहां देखें

Dimagi Naxal Party : पीएम मोदी के एक शब्द की ताकत…! PM के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर सोशल मीडिया पर बड़ा ट्विस्ट…इसी नाम से बना पेज…तेजी से बढ़े फॉलोअर्स…यहां देखें

नई दिल्ली, 17 अगस्त। Dimagi Naxal Party : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 अगस्त के लाल किले से दिए भाषण में इस्तेमाल किया गया एक शब्द अब सोशल मीडिया पर चर्चा का नया विषय बन गया है। पीएम मोदी ने नक्सलवाद के खिलाफ देश की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि जंगलों में हथियार उठाने वाले नक्सलियों के बाद अब भी ऐसे ‘दिमागी नक्सली’ मौजूद हैं, जो विचारधारा के जरिए देश में अशांति फैलाने के मौके तलाशते हैं। पीएम मोदी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस शब्द को लेकर बहस छिड़ गई है।

PM मोदी के एक शब्द पर सोशल मीडिया में नई हलचल

प्रधानमंत्री के बयान के बाद सोशल मीडिया यूजर्स के बीच सवाल उठने लगा कि ‘दिमागी नक्सल’ से आखिर किन लोगों की ओर इशारा किया गया है? जहां कुछ यूजर्स पीएम मोदी के बयान पर चर्चा और राजनीतिक बहस कर रहे हैं, वहीं कुछ लोगों ने इसे व्यंग्य और मीम्स का विषय बना दिया। इसी बीच Instagram पर ‘Dimagi Naxal Party’ नाम से एक नया पेज सामने आया, जिसने देखते ही देखते बड़ी संख्या में फॉलोअर्स जुटा लिए।

रिपोर्ट के मुताबिक, खबर लिखे जाने तक इस नाम से बने एक पेज पर करीब 1.85 लाख फॉलोअर्स हो चुके थे।

PM मोदी के बयान को बनाया पेज की पहचान

दिलचस्प बात यह है कि यह कोई आधिकारिक या मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल नहीं है। यह सोशल मीडिया पर बनाया गया एक पेज है, जिसने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण में इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को ही अपनी डिजिटल पहचान बना लिया।

Instagram के अलावा X और Facebook पर भी इसी तरह के नाम से कई अकाउंट और पेज बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। कई समान नाम वाले पेज होने की वजह से यह स्पष्ट नहीं है कि इनके पीछे कौन लोग हैं या इनका आपस में कोई संबंध है या नहीं।

‘Think-Research-Resist’ बना संदेश?

सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस नए पेज से ‘Think-Research-Resist’ जैसे संदेश को जोड़ा जा रहा है। Reddit पर भी इस पेज को लेकर चर्चा देखने को मिली, जहां कुछ यूजर्स ने इसे राजनीतिक व्यंग्य और सोशल मीडिया एक्टिविज्म के तौर पर देखा। हालांकि, पेज के पीछे कौन है और इसे किस उद्देश्य से बनाया गया है, इसकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ते फॉलोअर्स

सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि प्रधानमंत्री मोदी के बयान के कुछ ही समय बाद इस नाम से बनाए गए सोशल मीडिया पेज ने तेजी से फॉलोअर्स जुटाए। यह पहली बार नहीं है जब किसी राजनीतिक बयान या चर्चित शब्द को सोशल मीडिया यूजर्स ने अपने डिजिटल अभियान या व्यंग्य के नाम में बदल दिया हो। इससे पहले ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम भी सोशल मीडिया पर चर्चा में आया था और देखते ही देखते उसका डिजिटल प्रभाव काफी बढ़ गया था।

‘दिमागी नक्सल’ अब राजनीतिक बहस से सोशल मीडिया ट्रेंड तक

PM मोदी के 15 अगस्त के भाषण में इस्तेमाल हुआ ‘दिमागी नक्सल’ शब्द अब सिर्फ राजनीतिक बयान तक सीमित नहीं रहा। सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस, व्यंग्य और नए डिजिटल पेज सामने आने लगे हैं। यानी प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की एक टिप्पणी ने राजनीतिक बहस के साथ-साथ सोशल मीडिया पर एक नई डिजिटल पहचान को भी जन्म दे दिया है।

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