उज्जैन, 17 अगस्त। Mahakal Temple Crowd : सावन के तीसरे सोमवार, नागपंचमी और भगवान महाकाल की सवारी एक ही दिन पड़ने से उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान महाकाल के दर्शन के साथ साल में सिर्फ एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। इसी दौरान हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से भगदड़ जैसे हालात बन गए। स्थानीय रिपोर्टों में 13 श्रद्धालुओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
भीड़ बढ़ी तो बिगड़ी कई श्रद्धालुओं की तबीयत
हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ गई। भीड़ के दबाव में कुछ लोग गिर गए और कुछ के बेहोश होने की जानकारी सामने आई। मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और साथ आए परिजनों ने श्रद्धालुओं को भीड़ से बाहर निकाला। इसके बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, मंदिर प्रबंध समिति ने मंदिर परिसर में अफरातफरी और अव्यवस्था से जुड़ी कुछ खबरों को भ्रामक और अपुष्ट बताया है।
नागचंद्रेश्वर मंदिर के लिए उमड़ी सबसे ज्यादा भीड़
सावन के तीसरे सोमवार के साथ नागपंचमी होने के कारण नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह रहा। इस मंदिर के कपाट साल में सिर्फ एक बार नागपंचमी के अवसर पर खोले जाते हैं। इसी वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे। मंदिर क्षेत्र में सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर समिति के अनुसार, सावन सोमवार, नागपंचमी और भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी एक ही दिन होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या असाधारण रूप से बढ़ी। समिति के मुताबिक, अब तक करीब 6.19 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए अलग-अलग मार्गों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
मंदिर समिति ने अफवाहों से बचने की अपील की
मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक या अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें। समिति के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है।

