CMHO Suspended News : हाईकोर्ट में जवाब नहीं देने पर कांकेर CMHO निलंबित, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश

CMHO Suspended News : हाईकोर्ट में जवाब नहीं देने पर कांकेर CMHO निलंबित, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर, 28 सितंबर। CMHO Suspended News : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राम चन्द्र ठाकुर को हाईकोर्ट में लंबित प्रकरण में निर्धारित समय-सीमा के भीतर जवाबदावा प्रस्तुत नहीं करना भारी पड़ गया। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने इसे शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही मानते हुए डॉ. ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

हाईकोर्ट में लंबित था मामला

मंत्रालय महानदी भवन से जारी आदेश के अनुसार, बिलासपुर हाईकोर्ट में विचाराधीन WPS No. 3865/2025, डॉ. लखन जुरी विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन मामले में डॉ. राम चन्द्र ठाकुर को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया था। महाधिवक्ता कार्यालय और विभागीय स्तर से 16 सितंबर 2026 को पत्र जारी कर उन्हें 25 सितंबर से पहले मामले में जवाबदावा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

तय समय-सीमा में नहीं दिया जवाब

शासन के अनुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर हाईकोर्ट में जवाबदावा प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद हाईकोर्ट ने लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और 3,000 रुपये जमा करने के निर्देश दिए। मामले को शासन ने गंभीरता से लेते हुए डॉ. ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई की।

नियमों के तहत हुई निलंबन की कार्रवाई

विभागीय आदेश में कहा गया है कि जिम्मेदार पद पर रहते हुए न्यायालयीन प्रकरण में समय पर आवश्यक कार्रवाई नहीं करना कर्तव्य के प्रति उदासीनता और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही है। शासन ने डॉ. ठाकुर के कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के प्रावधानों के विपरीत माना है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई।

बस्तर संभाग में रहेगा निलंबन अवधि का मुख्यालय

निलंबन अवधि के दौरान डॉ. राम चन्द्र ठाकुर का मुख्यालय कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, बस्तर संभाग निर्धारित किया गया है। वे सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

27 सितंबर को जारी हुआ आदेश

राज्यपाल के नाम से और उनके आदेशानुसार अवर सचिव दिव्या वैष्णव ने 27 सितंबर 2026 को निलंबन आदेश जारी किया। यह कार्रवाई हाईकोर्ट में लंबित प्रकरण से जुड़े जवाबदावे को निर्धारित समय-सीमा में प्रस्तुत नहीं किए जाने के मामले में की गई है।

About The Author

छत्तीसगढ