Land Demarcation Online : अब घर बैठे होगा जमीन का सीमांकन, ऑनलाइन पोर्टल से आवेदन, तहसील के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं

Land Demarcation Online : अब घर बैठे होगा जमीन का सीमांकन, ऑनलाइन पोर्टल से आवेदन, तहसील के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं

रायपुर, 29 सितंबर। Land Demarcation Online : जमीन के सीमांकन से जुड़ी प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य के राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग ने नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू की है। अब नागरिकों को जमीन की नाप-जोख और सीमांकन के लिए बार-बार तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। आवेदक घर बैठे या नजदीकी लोक सेवा केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और अपने प्रकरण की प्रगति भी ऑनलाइन देख सकेंगे।

लोक सेवा केंद्र और मोबाइल से कर सकेंगे आवेदन

नई व्यवस्था के तहत नागरिक लोक सेवा केंद्र (CSC), सेवा सेतु या राजस्व विभाग के सिटीजन पोर्टल के जरिए सीमांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे। आवेदन जमा होते ही यह संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार की लॉगिन आईडी में पहुंच जाएगा, जिसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पहले सीमांकन के लिए आवेदक को तहसील कार्यालय में जाकर आवेदन जमा करना पड़ता था। इसके बाद फाइल किस स्तर पर है और कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है, इसकी जानकारी के लिए भी कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे।

सीमांकन की जांच रिपोर्ट भी होगी ऑनलाइन

ऑनलाइन आवेदन मिलने के बाद सीमांकन की प्रक्रिया के तहत जांच और मौका मुआयना किया जाएगा। इसके बाद राजस्व निरीक्षक (RI) अपनी जांच रिपोर्ट भी ऑनलाइन प्रस्तुत करेंगे। इससे पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ाने की व्यवस्था की गई है।

घर बैठे देख सकेंगे आवेदन की स्थिति

नई व्यवस्था में आवेदक अपने सीमांकन प्रकरण की अद्यतन स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे। आवेदन किस स्तर पर पहुंचा है, कार्रवाई में क्या प्रगति हुई है और यदि प्रकरण लंबित है तो उसके कारणों की जानकारी भी पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

इससे आवेदकों को बार-बार संबंधित कार्यालय में जाकर फाइल की स्थिति पूछने की आवश्यकता नहीं होगी और सीमांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

आपत्ति नहीं होने पर कार्यालय आने की जरूरत नहीं

नई व्यवस्था के तहत यदि सीमांकन के दौरान किसी भी पक्ष की ओर से कोई आपत्ति दर्ज नहीं की जाती है, तो आवेदक को तहसील कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की जरूरत नहीं होगी।

हालांकि, यदि सीमांकन के दौरान किसी पक्ष की ओर से आपत्ति या जमीन से संबंधित विवाद सामने आता है, तो संबंधित पक्षों को आवश्यक कार्रवाई के लिए बुलाया जा सकता है।

डिजिटल व्यवस्था से आसान होगी प्रक्रिया

राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग की इस व्यवस्था का उद्देश्य सीमांकन से जुड़े मामलों की प्रक्रिया को नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है। आवेदन से लेकर जांच रिपोर्ट और प्रकरण की स्थिति तक कई चरणों को ऑनलाइन किए जाने से लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।

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