Premanand Maharaj Ashram: प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बड़ा बदलाव! दीक्षा और टोकन दर्शन अनिश्चितकाल के लिए बंद; शिष्यों की वेशभूषा में बदलाव, माइक से भक्तों को दी जानकारी, यहां देखें VIDEO

Premanand Maharaj Ashram: प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बड़ा बदलाव! दीक्षा और टोकन दर्शन अनिश्चितकाल के लिए बंद; शिष्यों की वेशभूषा में बदलाव, माइक से भक्तों को दी जानकारी, यहां देखें VIDEO

वृंदावन, 01 अक्टूबर। Premanand Maharaj Ashram: संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के बाद उनके आश्रम की व्यवस्थाओं में कई अहम बदलाव किए गए हैं। श्रीराधा केलिकुंज आश्रम में दीक्षा कार्यक्रम और टोकन के जरिए होने वाले दर्शन को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। वहीं यमुना विहार कुंज बेलवान में दीक्षित भक्तों के दर्शन की व्यवस्था भी फिलहाल बंद कर दी गई है। आश्रम की ओर से सेवादारों के माध्यम से भक्तों को नई व्यवस्था की जानकारी दी गई है।

सबसे बड़ा बदलाव दीक्षा कार्यक्रम को लेकर हुआ है। केलिकुंज आश्रम में फिलहाल नए भक्तों को दीक्षा देने की प्रक्रिया रोक दी गई है। आश्रम में सेवादारों ने माइक के जरिए श्रद्धालुओं को इसकी जानकारी दी। रोक कब तक जारी रहेगी, इसकी कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है।

दीक्षा कार्यक्रम पर अनिश्चितकालीन रोक

टोकन से दर्शन भी बंद

दीक्षा के साथ-साथ टोकन के जरिए होने वाले दर्शन पर भी रोक लगा दी गई है। इसका सीधा असर उन श्रद्धालुओं पर पड़ेगा, जो पहले टोकन लेकर दर्शन के लिए आश्रम पहुंचते थे। फिलहाल भक्तों को पहले जैसी टोकन व्यवस्था का लाभ नहीं मिलेगा।

यमुना विहार कुंज बेलवान में भी दर्शन बंद

बदलाव सिर्फ केलिकुंज आश्रम तक सीमित नहीं है। यमुना विहार कुंज बेलवान में दीक्षित भक्तों के दर्शन की व्यवस्था भी फिलहाल रोक दी गई है। यानी नए भक्तों की दीक्षा और टोकन दर्शन के साथ दीक्षित भक्तों के लिए निर्धारित दर्शन व्यवस्था में भी बदलाव हुआ है।

सेवादारों की वेशभूषा में भी बदलाव

आश्रम की व्यवस्थाओं में एक और बदलाव सेवादारों और शिष्यों की वेशभूषा को लेकर सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, आश्रम की ओर से नए निर्देश जारी किए गए हैं और कुछ श्रेणियों के शिष्यों को सामान्य वस्त्र या कुर्ता-पायजामा पहनने के निर्देश दिए गए हैं।

क्या है रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला?

रसिक दुलारी शरण का वास्तविक नाम दीपक लोधी था। वह मध्य प्रदेश के जबलपुर क्षेत्र के रहने वाले थे और संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षित थे। 25 सितंबर को वृंदावन स्थित गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की बात सामने आई थी, हालांकि मामले की जांच जारी है।

पोस्टमार्टम में शरीर पर गंभीर चोटों और सिर में चोट व रक्तस्राव की पुष्टि हुई है। पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्यों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। मोबाइल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। इसलिए मौत की अंतिम वजह को लेकर जांच पूरी होने का इंतजार है।

भक्तों पर क्या पड़ेगा असर?

आश्रम की नई व्यवस्था के बाद फिलहाल, केलिकुंज आश्रम में दीक्षा बंद, टोकन के जरिए दर्शन बंद, यमुना विहार कुंज बेलवान में दीक्षित भक्तों के दर्शन बंद, शिष्यों/सेवादारों की वेशभूषा को लेकर नए निर्देश,नई व्यवस्थाएं कब तक लागू रहेंगी, इसकी स्पष्ट तारीख अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में वृंदावन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी है कि वे आश्रम की ताजा आधिकारिक सूचना के अनुसार ही दर्शन या दीक्षा की योजना बनाएं।

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