नई दिल्ली, 05 जून। RBI MPC Meeting : भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद बड़ा ऐलान किया गया है। संजय मल्होत्रा ने जानकारी देते हुए कहा कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसे 5.25% पर स्थिर रखा गया है।

RBI ने स्थिर रखी ब्याज दरें
इस फैसले के बाद होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वाले करोड़ों लोगों को राहत मिली है, क्योंकि फिलहाल उनकी EMI में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं होगी। यानी मौजूदा ब्याज दरें स्थिर बनी रहेंगी।
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर रहे हैं, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत स्थिति में है। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता, सप्लाई चेन में बाधा और भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था स्थिर बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि फरवरी 2025 से अब तक आरबीआई कुल 125 बेसिस पॉइंट की दर कटौती कर चुका है। हालांकि इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया।
महंगाई को लेकर आरबीआई ने सतर्क रुख अपनाया है। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए CPI आधारित महंगाई दर का अनुमान बढ़ाकर 5.1% कर दिया है, जो पहले के अनुमान से करीब 50 बेसिस पॉइंट ज्यादा है।
आरबीआई के अनुमान के मुताबिक-
- पहली तिमाही में महंगाई 4.2%
- दूसरी तिमाही में 5.1%
- तीसरी तिमाही में 5.9%
- चौथी तिमाही में 5.4% रह सकती है।
गवर्नर ने कहा कि मानसून में देरी और अलनीनो का असर सप्लाई चेन पर पड़ सकता है, जिससे खाद्य महंगाई बढ़ने की आशंका है। वहीं पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उछाल भी चिंता का बड़ा कारण बना हुआ है।
हालांकि राहत की बात यह है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 682.3 बिलियन डॉलर के मजबूत स्तर पर बना हुआ है। आरबीआई ने यह भी कहा कि बीमा क्षेत्र में 100 फीसदी एफडीआई कार्यक्रम को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले महीनों में महंगाई और वैश्विक हालात को देखते हुए आरबीआई आगे क्या कदम उठाता है।

