रायपुर, 14 जून। Chhattisgarh CM Helpline : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की महत्वाकांक्षी CM Helpline 1076 ने शुरू होते ही प्रदेश की जमीनी हकीकत सामने ला दी है। महज पांच दिनों में हेल्पलाइन पर 15 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज होना इस बात का संकेत है कि आम नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बड़े स्तर पर इस मंच का उपयोग कर रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि लोगों की सबसे बड़ी चिंता अब भी जमीन, बिजली, सड़क, नाली और राशन जैसी बुनियादी सुविधाएं ही हैं।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार 13 जून तक हेल्पलाइन पर कुल 15,434 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें सबसे अधिक शिकायतें राजस्व विभाग से जुड़ी हैं, जहां नामांतरण, सीमांकन, भू-अभिलेख सुधार और भूमि विवाद जैसे मामलों को लेकर लोगों ने बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज कराई हैं।
जमीन से जुड़े मामलों ने बढ़ाई चिंता
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित 2,470 शिकायतें दर्ज हुई हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि प्रदेश में भूमि संबंधी विवाद और राजस्व प्रक्रियाओं को लेकर लोगों को अब भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क, नाली और सफाई पर भी जनता नाराज
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से जुड़ी 2,058 शिकायतें हेल्पलाइन पर पहुंची हैं। इनमें खराब सड़कें, नालियों की सफाई, पेयजल संकट, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था से संबंधित समस्याएं प्रमुख हैं।
बिजली बनी तीसरी सबसे बड़ी समस्या
ऊर्जा विभाग के खिलाफ 1,921 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें बिजली कटौती, खराब ट्रांसफॉर्मर, नए कनेक्शन, बिलिंग विवाद और अनियमित विद्युत आपूर्ति जैसे मुद्दे शामिल हैं।
ग्रामीण विकास और राशन व्यवस्था पर भी सवाल
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित 1,509 शिकायतें दर्ज हुई हैं। वहीं खाद्य विभाग के खिलाफ 1,235 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें राशन कार्ड, खाद्यान्न वितरण, पात्रता सूची और अन्य योजनाओं से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं।
हर दूसरी शिकायत बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी
हेल्पलाइन के आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि दर्ज शिकायतों में बड़ी हिस्सेदारी जमीन, बिजली, पानी, सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी है। इससे स्पष्ट है कि जनता अभी भी आधारभूत सेवाओं में सुधार की अपेक्षा रखती है। राज्य सरकार का दावा है कि CM Helpline 1076 के माध्यम से शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत किया जाएगा, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।

