पटना, 29 जुलाई। BPSC Paper Leak : बिहार के बहुचर्चित BPSC शिक्षक बहाली (TRE) पेपर लीक कांड में इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट (EOU) को बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसी ने डॉ. मनीष कुमार को गिरफ्तार किया है, जिसे सीलबंद प्रश्नपत्र बॉक्स को बिना नुकसान पहुंचाए खोलने और दोबारा सील करने का एक्सपर्ट बताया जा रहा है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, डॉ. मनीष अपने सहयोगियों डॉ. शिव और डॉ. शुभम के साथ मिलकर पेपर लीक नेटवर्क चला रहा था। आरोप है कि इस गिरोह ने 30 अभ्यर्थियों से करीब ₹1.20 करोड़ लेकर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया।
होटल में बांटे गए थे प्रश्नपत्र
EOU के मुताबिक, 15 मार्च 2024 को हुई BPSC TRE परीक्षा से पहले पटना के एक होटल में करीब 30 अभ्यर्थियों को कथित तौर पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया था। 14 मार्च 2024 को स्थानीय पुलिस ने कोहिनूर होटल में छापेमारी की थी, लेकिन डॉ. मनीष मौके से फरार हो गया था।
संजीव मुखिया के बेटे से करीबी संबंध
जांच में सामने आया है कि डॉ. मनीष, पेपर लीक मामले के चर्चित आरोपी संजीव मुखिया के बेटे डॉ. शिव का करीबी सहयोगी है। PMCH और NMCH के छात्रों के डेटा की जांच, होटल के CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर EOU उसकी पहचान तक पहुंची।
296 गिरफ्तारियां, जांच जारी
EOU के अनुसार, 2024 के BPSC TRE पेपर लीक मामले में अब तक 296 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसी ने डॉ. मनीष को गिरफ्तार किया है। उन पर लगे आरोपों की जांच जारी है और अंतिम दोष तय होना न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

