नई दिल्ली, 31 जुलाई। 8th Pay Commission : आठवें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन हुए सात महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अब भी वेतन बढ़ोतरी का इंतजार है। सरकार ने फिलहाल न तो नए फिटमेंट फैक्टर की घोषणा की है और न ही संशोधित वेतन संरचना पर अंतिम फैसला लिया है। हालांकि, सरकार ने यह जरूर स्पष्ट किया है कि आयोग अपनी रिपोर्ट गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर सौंपेगा।
मई 2027 तक आ सकती है रिपोर्ट
सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग का गठन किया था। राज्यसभा में वित्त मंत्रालय ने जानकारी दी है कि आयोग को अपनी सिफारिशें 18 महीने के भीतर प्रस्तुत करनी हैं। ऐसे में अनुमान है कि आयोग मई 2027 तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकता है।
रिपोर्ट आने के बाद भी कर्मचारियों को तुरंत वेतन वृद्धि नहीं मिलेगी। पहले केंद्र सरकार आयोग की सिफारिशों की समीक्षा करेगी, फिर उन्हें पूरी तरह या संशोधन के साथ मंजूरी देगी। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही नया वेतनमान लागू होगा और कर्मचारियों के खातों में बढ़ी हुई सैलरी आना शुरू होगी।
सरकार बोली- आयोग पूरी तरह स्वतंत्र
वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि 8वां वेतन आयोग अपनी कार्यप्रणाली तय करने के लिए स्वतंत्र है। आयोग को अपनी बैठकों, परामर्श या विचाराधीन सिफारिशों की जानकारी सरकार को नियमित रूप से देना अनिवार्य नहीं है। फिलहाल आयोग दिल्ली, चेन्नई और पुडुचेरी में कर्मचारी संगठनों के साथ परामर्श बैठकें कर रहा है।
कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग
कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने न्यूनतम वेतन, पेंशन, महंगाई भत्ता (DA), HRA और अन्य भत्तों में सुधार की मांग रखी है। सबसे अहम मांग फिटमेंट फैक्टर 3.83 लागू करने की है। यदि यह मांग स्वीकार होती है तो न्यूनतम मूल वेतन में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।
फिटमेंट फैक्टर का गणित
फॉर्मूला:
नया मूल वेतन = वर्तमान मूल वेतन × फिटमेंट फैक्टर
वर्तमान न्यूनतम बेसिक पे: ₹18,000
यदि फिटमेंट फैक्टर 3.83 लागू होता है:
₹18,000 × 3.83 = ₹68,940
हालांकि यह केवल कर्मचारी संगठनों की मांग (8th Pay Commission) पर आधारित गणना है। अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

