Danger Picnic Spot : बारिश में पिकनिक का प्लान…? एक सेल्फी पड़ सकती है भारी…! कोरबा प्रशासन ने देवपहरी-केंदई-सतरेंगा सहित इन झरनों को लेकर जारी की बड़ी चेतावनी

Danger Picnic Spot : बारिश में पिकनिक का प्लान…? एक सेल्फी पड़ सकती है भारी…! कोरबा प्रशासन ने देवपहरी-केंदई-सतरेंगा सहित इन झरनों को लेकर जारी की बड़ी चेतावनी

कोरबा, 13 जुलाई। Danger Picnic Spot : मानसून के मौसम में कोरबा के झरने और पर्यटन स्थल जितने आकर्षक दिखाई देते हैं, उतने ही खतरनाक भी साबित हो सकते हैं। लगातार हो रही बारिश के बीच जिला प्रशासन ने देवपहरी, परसखोला, केंदई, फुटहामुड़ा, सतरेंगा, नकिया सहित जिले के सभी प्रमुख पिकनिक स्थलों पर जाने वाले लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान उफनते झरनों, फिसलन भरी चट्टानों और तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचें, क्योंकि कुछ मिनटों में ही जलस्तर अचानक बढ़ सकता है और मामूली लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

हर साल होते हैं दर्दनाक हादसे

प्रशासन ने याद दिलाया कि पिछले वर्षों में जिले के कई पर्यटन स्थलों पर छात्र, युवा और पर्यटक पानी में बहने या फिसलकर गंभीर हादसों का शिकार हुए हैं। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है। ऐसे हादसों से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा उपाय है।

सेल्फी और स्टंट बन सकते हैं जानलेवा

बारिश के दौरान चट्टानों पर काई जम जाती है, जिससे वे बेहद फिसलन भरी हो जाती हैं। ऐसे में झरनों के किनारे जाकर सेल्फी लेना, वीडियो बनाना या पानी में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने कहा कि झरनों की खूबसूरती को सुरक्षित दूरी से देखें, परिवार के साथ समय बिताएं, लेकिन रोमांच के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें। चेतावनी बोर्ड, पुलिस और SDRF के निर्देशों का पालन करें।

पिकनिक पर जाने से पहले याद रखें ये जरूरी बातें

  • तेज बारिश में पिकनिक का कार्यक्रम टाल दें।
  • नदी, झरने या तेज बहाव वाले पानी में न उतरें।
  • फिसलन भरी चट्टानों पर सेल्फी या स्टंट न करें।
  • बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें।
  • शराब या नशे की हालत में पर्यटन स्थल पर न जाएं।
  • किसी हादसे की स्थिति में तुरंत डायल 112 या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।
  • पर्यटन स्थल पर स्वच्छता बनाए रखें और प्लास्टिक कचरा न फैलाएं।

प्रशासन का संदेश– बारिश की यादें लेकर घर लौटिए, हादसे नहीं।

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छत्तीसगढ