रायपुर, 26 सितंबर। Nasha Mukt Padyatra: नशामुक्त भारत और नशामुक्त छत्तीसगढ़ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से रायपुर में आयोजित नशामुक्त भारत पदयात्रा सप्ताह का दूसरा दिन भी जनभागीदारी के साथ संपन्न हुआ। विधायक पुरन्दर मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित पदयात्रा में भाजपा कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों और स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।

पदयात्रा की शुरुआत भगत सिंह चौक, गौरव पथ से हुई। यहां शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद पदयात्रा गौरव पथ होते हुए भीमराव अंबेडकर चौक पहुंची, जहां कार्यक्रम का समापन किया गया।
27 साल से जारी नशामुक्ति अभियान
आयोजकों के अनुसार, नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह का आयोजन पिछले 27 वर्षों से लगातार किया जा रहा है और यह अभियान अब 28वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस दौरान युवाओं को नशे से दूर रहने तथा शिक्षा, खेल, योग, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक सेवा से जुड़ने का संदेश दिया गया। विधायक पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि नशे के खिलाफ जनजागरण को केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसके लिए परिवार, समाज, शिक्षण संस्थानों और युवाओं की सहभागिता जरूरी है।
केंद्र के 100 सप्ताह के अभियान से जुड़ा कार्यक्रम
यह आयोजन केंद्र सरकार के ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान’ के व्यापक अभियान के संदर्भ में भी आयोजित किया गया। PIB के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2026 को इस 100 सप्ताह के राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी अभियान की शुरुआत की थी। इसके तहत प्रत्येक रविवार खेल, फिटनेस, योग, ध्यान, सांस्कृतिक और जागरूकता गतिविधियों के जरिए युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की योजना है।

छत्तीसगढ़ महतारी और डॉ. अंबेडकर को किया नमन
पदयात्रा के समापन अवसर पर छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान सामाजिक न्याय, समानता और नशामुक्त समाज के निर्माण के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
युवाओं की भागीदारी रही खास
पदयात्रा में छात्र-छात्राओं और युवाओं की भागीदारी प्रमुख रही। आयोजकों ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें खेल, शिक्षा, योग, संस्कृति और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।

