गढ़चिरौली, 10 अगस्त। Students Snakebite Death : धानोरा तालुका के जपतलाई स्थित अनुदानित आश्रमशाला में सर्पदंश से तीन छात्राओं की मौत के मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। आदिवासी विकास आयुक्तालय नाशिक और नागपुर की टीमें आज घटनास्थल पर पहुंचकर जांच करेंगी।
प्रशासन का कहना है कि जांच में यदि लापरवाही या सुरक्षा संबंधी खामियां सामने आती हैं तो संबंधितों की जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
3 छात्राओं की मौत के बाद प्रशासन सख्त
धानोरा तालुका के जपतलाई की अनुदानित आश्रमशाला में सर्पदंश की घटना में तीन छात्राओं की मौत हो गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आश्रमशाला में विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच कराने का फैसला लिया है। जांच के लिए आदिवासी विकास आयुक्तालय, नाशिक और नागपुर की विशेष टीमें घटनास्थल का निरीक्षण करेंगी। टीम आश्रमशाला में उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था, छात्राओं के रहने की व्यवस्था और घटना से जुड़े तमाम पहलुओं की जानकारी जुटाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था में चूक हुई या नहीं, होगी जांच
क्योंकि जपतलाई की आश्रमशाला अनुदानित है और सरकार की ओर से उसे अनुदान दिया जाता है, ऐसे में वहां रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करना संबंधित संस्था और प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
उच्चस्तरीय जांच में यह देखा जाएगा कि घटना आखिर किन परिस्थितियों में हुई और छात्राओं के निवास स्थान पर सांपों से बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए थे या नहीं। इसके अलावा आश्रमशाला प्रबंधन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन किया था या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी।
लापरवाही मिली तो तय होगी जिम्मेदारी
आदिवासी विकास विभाग की टीमें घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ संबंधित अधिकारियों और प्रबंधन से आवश्यक जानकारी लेंगी।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि लापरवाही अथवा सुरक्षा संबंधी खामियां सामने आती हैं तो जिम्मेदारी तय की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
तीन छात्राओं को एंटी-वेनम दिया गया
घटना में प्रभावित अन्य तीन छात्राओं का उपचार जारी है। प्रशासन के अनुसार अस्पताल में सर्पदंश प्रतिबंधक दवा (एंटी-वेनम) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और उपचाराधीन तीनों छात्राओं को तत्काल एंटी-वेनम दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
जिलाधिकारी ने जिला शल्य चिकित्सक को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उपचार में किसी भी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए और छात्राओं की विशेष देखभाल की जाए।
सहपालकमंत्री ने जताया दुख
जिले के सहपालकमंत्री एडवोकेट आशीष जयस्वाल ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृत छात्राओं के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए उपचाराधीन छात्राओं को हर संभव चिकित्सा सुविधा और सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश प्रशासन को दिए हैं। फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग उपचाराधीन छात्राओं की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
अब सभी की नजर आदिवासी विकास विभाग की उच्चस्तरीय जांच रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि आश्रमशाला में सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक हुई थी या नहीं।

