नई दिल्ली, 03 जून। Delhi Hotel Fire : मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में होटल में लगी भीषण आग ने एक पूरे परिवार को तबाह कर दिया। इस दर्दनाक हादसे में गुरुग्राम के अग्रवाल परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई। परिवार अपने बुजुर्ग सदस्य के इलाज के लिए दिल्ली आया था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
खुशहाल परिवार कुछ मिनटों में खत्म
जानकारी के मुताबिक 80 वर्षीय राधेश्याम अग्रवाल फेफड़ों की बीमारी के इलाज के लिए Max Hospital में भर्ती थे। उनकी देखभाल के लिए परिवार के सदस्य पास के होटल में ठहरे हुए थे। हादसे के वक्त होटल में उनके बेटे विवेक अग्रवाल, बहू तर्जनी अग्रवाल, पत्नी और दो मासूम पोतियां जीविषा उर्फ एंजल और वार्या उर्फ पर्ल मौजूद थीं।
बताया जा रहा है कि होटल में अचानक भीषण आग लग गई और सिलेंडर ब्लास्ट के बाद हालात बेकाबू हो गए। इस हादसे में परिवार के सभी सदस्य आग की चपेट में आ गए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस त्रासदी का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि अस्पताल में भर्ती राधेश्याम अग्रवाल को अब तक शायद यह भी नहीं बताया गया है कि उनका पूरा परिवार इस दुनिया से जा चुका है। अस्पताल में मौजूद रिश्तेदार और करीबी लोग सदमे में हैं।
बच्चों की छुट्टियां बनीं मौत का सफर
दुखद बात यह भी है कि तरजनी अग्रवाल के मायके पक्ष से राजस्थान से आए तीन रिश्तेदार भी उसी होटल में ठहरे हुए थे और वे भी इस हादसे का शिकार हो गए। इस तरह एक ही परिवार और उसके करीबी रिश्तेदारों के कुल 8 लोगों की जान चली गई।
परिजनों के अनुसार विवेक अग्रवाल बेहद मिलनसार (Delhi Hotel Fire) और परिवार को समर्पित व्यक्ति थे। वे अपने बीमार पिता की देखभाल के लिए ही दिल्ली आए थे। बच्चों की छुट्टियां होने के कारण परिवार अपनी दोनों बेटियों को भी साथ लेकर आया था, लेकिन यह यात्रा हमेशा के लिए दर्दनाक याद बन गई।


