रायपुर, 19 जुलाई। CG Assembly Report Card : छत्तीसगढ़ विधानसभा सिर्फ कानून बनाने का मंच नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही तय करने का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक माध्यम भी है। पिछले ढाई साल में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने सरकार से 12,559 सवाल पूछकर शिक्षा, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार, कृषि, अधोसंरचना और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जवाब मांगा। दिलचस्प बात यह रही कि सरकार का समर्थन करने वाले भाजपा विधायक भी सवाल पूछने में पीछे नहीं रहे और कई मामलों में विपक्ष से ज्यादा सक्रिय नजर आए।
फरवरी 2024 से जुलाई 2026 तक आयोजित छत्तीसगढ़ विधानसभा के आठ सत्रों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने सरकार को विभिन्न मुद्दों पर सवालों के कटघरे में खड़ा किया। इस अवधि में कुल 12,559 प्रश्न लगाए गए, जिनमें विपक्ष ने 7,870 और सत्ता पक्ष ने 4,689 प्रश्न पूछे।
सबसे सक्रिय भाजपा विधायकों में पुन्नूलाल मोहले (283), धर्मजीत सिंह (280) और सुशांत शुक्ला (271) शामिल रहे। वहीं कांग्रेस की ओर से अंबिका मरकाम (280), दलेश्वर साहू (280) और बालेश्वर साहू (279) ने सबसे अधिक प्रश्न पूछे।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने 276 प्रश्न लगाए, जबकि शेषराज हरवंश ने 272 सवाल किए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आठ सत्रों के दौरान 89 प्रश्न पूछे।
मानसून सत्र में 1033 सवाल, कई मुद्दों पर हंगामा
मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने कुल 1033 प्रश्न लगाए। भाजपा के अजय चंद्राकर और धरमलाल कौशिक तथा कांग्रेस के डॉ. चरणदास महंत, कवासी लखमा और उमेश पटेल ने अधिकतम 20-20 प्रश्न पूछे।
ये मुद्दे रहे सबसे ज्यादा चर्चा में
- अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद
- नक्सलवाद के खिलाफ अभियान
- नकटी गांव बुलडोजर कार्रवाई
- महतारी वंदन योजना
- इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों का शिकार
- जल जीवन मिशन में अनियमितता
- राशन कार्ड और सामाजिक योजनाएं
- औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ते हादसे
विधानसभा में 7 अहम विधेयक हुए पारित
मानसून सत्र के दौरान सात महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी मिली, जिनमें औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन संशोधन, भाड़ा नियंत्रण संशोधन, निजी विश्वविद्यालय संशोधन, वैट संशोधन, जीएसटी संशोधन, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा संशोधन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026 शामिल हैं।
किन विषयों पर सबसे ज्यादा सवाल
- अधोसंरचना – 85 से 90
- कृषि एवं खाद्यान्न – 65 से 70
- भ्रष्टाचार और अनियमितता – 60 से अधिक
- सामाजिक कल्याण एवं पेंशन – 50 से 55
- शिक्षा – 45 से 50
- स्वास्थ्य – 45 से 50
- अपराध एवं सुरक्षा – 30 से 35
जिलों के अनुसार उठे बड़े मुद्दे
बिलासपुर, रायपुर, राजनांदगांव और रायगढ़ से जुड़े सबसे अधिक प्रश्न पूछे गए। वहीं बस्तर और सरगुजा संभाग में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, स्कूल भवन, मानव तस्करी और रिक्त पदों पर सवाल प्रमुख रहे। कोरबा और जांजगीर-चांपा में फ्लाई ऐश प्रदूषण और खनन से जुड़े मुद्दे सदन में गूंजे।
अविश्वास प्रस्ताव पर देर रात तक चली बहस
कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर अंतिम दिन रात 2:40 बजे तक चर्चा चली, लेकिन सदन ने प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया।
विधानसभा का नियम
विधानसभा नियमावली के अनुसार किसी भी सदस्य के एक बैठक में अधिकतम 4 प्रश्न ही स्वीकार किए जाते हैं। मानसून सत्र में पांच बैठकें होने के कारण एक विधायक के अधिकतम 20 प्रश्न ही सूचीबद्ध किए गए। इस सत्र में 36 विधायकों ने अधिकतम 20-20 प्रश्न पूछे।

